
राजनैतिक सामाजिक सेवा में अग्रणी भूमिका में रहकर जिम्मेदारी से कर्तव्यों का पालन करेगा ब्राह्मण समाज

दायित्वों के निर्वहन में सबसे आगे रहता है ब्राह्मण समाज

सामाजिक भूमिका में अपने कार्यों से उदाहरण प्रस्तुत करेगा ब्राह्मण समाज
सर्व ब्राह्मण समाज के पदाधिकारियों का महाअधिवेशन आशीर्वाद भवन, रायपुर में सम्पन्न हुआ। यह महाअधिवेशन लगभग देर रात तक अनवरत चला। विद्वान वक्ताओं ने वर्तमान समय में ब्राह्मण की भूमिका के विषय में अपने-अपने उद्बोधन दिये। इस महाधिवेशन में लगभग 70 प्रदेश स्तरीय विप्र संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए।

ब्राह्मण समाज सदैव सभी का प्रेम, सम्मान प्राप्त करते हुए जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए सामाजिक नेतृत्व करता रहा है। देश-प्रदेश के प्रति अपनी कर्तव्य निष्ठा का क्रियान्वयन के प्रति सभी उपस्थित जनों ने संकल्प लिया व सामाजिक एकता, चरित्र निर्माण के प्रति सजगता दिखलाई, महिला पदाधिकारियों ने भी सम्मानजनक उपस्थिति दर्ज करायी। समाज के वरिष्ठजनों ने भगवान परशुराम जी की पूजा अर्चना के साथ कार्यक्रम का प्रारंभ किया। कान्यकुब्ज समाज के प्रदेश अध्यक्ष अरुण शुक्ल ने कार्यक्रम की उपयोगिता बताते हुए कहा कि सभी संगठनों के पदाधिकारियों एवं सक्रिय सदस्यों के सहयोग से यह कार्यक्रम इस विशाल रूप में आयोजित किया गया है। पूर्व में विप्र भवन समता कालोनी में हुए सर्व ब्राह्मण के अधिवेशन के पश्चात् यह महाअधिवेशन के रूप में आयोजित किया गया। पूरे शहर से लगभग 70 संगठनों ने अपने-अपने पदाधिकारियों के साथ इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। सभी उपस्थित वक्ताओं ने एक स्वर में मांग की रायपुर दक्षिण विधानसभा में होने जा रहे उपचुनाव के लिए जिसमें 40 हजार के लगभग ब्राह्मण मतदाता हैं। ब्राह्मण बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण राष्ट्रीय पार्टियों से मांग की गई कि ब्राह्मण जाति से प्रत्याशी को टिकट दी जाए, इस हेतु ब्राह्मण समाज के एक प्रतिनिधि मंडल शीघ्र ही पार्टी प्रमुखों से मिलकर आग्रह करेगा। यह भी तय किया कि अगर ब्राह्मण प्रत्याशी को टिकट मिलती है तो समस्त ब्राह्मण तन-मन-धन से प्रत्याशी को जिताने में मदद करेगें। उपस्थित जनों में विशेष रूप से पं. प्रमोद दुबे, पं. ज्ञानेश शर्मा, पं. मृत्युजंय दुबे, पं. अंजय शुक्ल, पं. सुभाष तिवारी, पं. आकाश दुबे, श्रीमती सरिता दुबे, पं. राजीव वोरा, प्रारंभ से अंत तक श्रोता के रूप में उपस्थित रहंे। इस महाअधिवेशन में प्रथम बार विभिन्न विप्र संगठनों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर ब्राह्मण एकता का परिचय दिया। यह महाअधिवेशन चार सत्रों में सम्पन्न हुआ। इस महाअधिवेशन में विभिन्न विप्र संगठनों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, एवं पदाधिकारी सम्मिलित हुए, जिसमें प्रमुख रूप से पं. अरुण शुक्ल, पं. सुरेश मिश्र, पं. विनय तिवारी, पं. आर.एल. द्विवेदी, पं. राघवेन्द्र मिश्र, पं. जगदीश तिवारी, पं. नीलकंठ त्रिपाठी, पं. सौरभ शर्मा, पं. अनिल चतुर्वेदी, पं. रामअवतार तिवारी, पं. मोहन तिवारी, पं. राजू महराज, पं. मनीष वोरा, पं. अरविंद कुमार ओझा, पं. नितिन शर्मा, पं. दिनेश शुक्ल, पं. राकेश पाण्डेय, पं. शिवाकांत त्रिपाठी, पं. योगेश तिवारी, पं. निर्मल कुमार रिछारिया, पं. अमृतलाल बिलथरे, पं. चन्द्र प्रकाश व्यास, पं. प्रहलाद मिश्र, पं. सुनील बाजारी, शीला श्रीधर, प्रीति शुक्ला, भारती किरण शर्मा, पं. गुणानिधि मिश्र, सुनीता शर्मा, नीरज पाण्डेय, डॉ. आरती उपाध्याय, दामिनी शर्मा, अंजू पाण्डेय, पं. लावण्य तिवारी, पं. राजेन्द्र प्रसाद दुबे ने अपने वक्तव्य दिये। कार्यक्रम का संचालन पं. रज्जन अग्निहोत्री ने किया |
