
बिलासपुर/विश्व हिंदी परिषद शैक्षणिक प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ की अध्यक्ष डॉ.संगीता बनाफर ने महत्वपूर्ण सूचना दी है कि महाराष्ट्र के महामहिम राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्ण जी से विश्व हिंदी परिषद के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. विपिन कुमार ने मुलाकात की। इस भेंट के दौरान दोनों के बीच महाराष्ट्र में हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर विस्तार से गंभीर चर्चा हुई।
डॉ. विपिन कुमार ने महामहिम राज्यपाल को परिषद के कार्यों और हिंदी को वैश्विक भाषा के रूप में स्थापित करने की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से महाराष्ट्र के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में हिंदी के प्रचार को बढ़ावा देने के उपायों पर जोर दिया। डॉ.कुमार ने बताया कि परिषद ने राज्यभर में हिंदी के प्रचार के लिए कई शैक्षिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए हैं और अब उन्हें इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार का सहयोग चाहिए।
महामहिम राज्यपाल श्री सी.पी.राधाकृष्ण जी ने हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी न केवल भारतीय संस्कृति और एकता की प्रतीक है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस पर राज्यपाल जी ने उनके प्रयासों की सराहना की और हिंदी के प्रचार- प्रसार के लिए परिषद के साथ मिलकर काम करने का आश्वासन दिया।
उन्होंने विश्व हिंदी परिषद के आगामी कार्यक्रम को महाराष्ट्र राजभवन में आयोजित करने के लिए अपनी सहमति दी। यह निर्णय हिंदी भाषा के प्रति राज्यपाल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और राज्य में हिंदी के प्रचार के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।
डॉ. संगीता बनाफर ने आगे बताया कि विश्व हिंदी परिषद के अध्यक्ष यार्लंगड्डडा ,लक्ष्मी प्रसाद, उपाध्यक्ष देवी प्रसाद, प्रो.संध्या वात्स्यायन, डॉ. अपर्णा राय,डॉ. शकुंतला सरूपरिया, प्रो.तृप्ति शर्मा, परिषद के संपर्क समन्वयक डॉ.नंदकिशोर साह, राजभाषा आयोग के अध्यक्ष थावे यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ.विनय कुमार पाठक ,चीफ जस्टिस चंद्रभूषण श्रीवास्तव वरिष्ठ साहित्यकार केशव शुक्ला डॉ.श्रीधर गौरहा,जितेंद्र श्रीवास्तव,प्रो.सलमा जमाल,भगवान दास शर्मा, शिप्रा मिश्रा, विक्रमादित्य सिंह, डॉ. सीताराम आठिया, कविता कुमारी, विजय पाटिल, पुरुषोत्तम कुंडे, अनुपम चतुर्वेदी, रेखा वर्मा, पंकजवासिनी, डॉ.इंदिरा चौधरी, गरिमा भाटी, डॉ.मीना घूमेराव, शिव मंगल शुक्ला आदि ने हर्ष व्यक्त किया है।