बिलासपुर/बालमुकुंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तालापारा, बिलासपुर के 50वें वर्ष स्वर्णिम जयंती वर्ष का वार्षिकोत्सव 5 फरवरी 2025 को आयोजित किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार पाठक ने अध्यक्ष की आसंदी से कहा-“कोयल अपनी भाषा बोलती है इसलिए स्वच्छंद आकाश में विचरण करती है जबकि तोता दूसरे की भाषा बोलता है इसलिए पिंजरे में कैद रहता है।मातृभाषा से ही व्यक्ति की मौलिक प्रतिभा का विकास होता है। विद्यालय के 50 वर्षों की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया और विद्यालय के संस्थापकों में स स्व.रामबाबू सोंथलिया,स्व. करुणा क्षत्री और स्व. हुसैन अली को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। छात्रों ने स्वच्छता,नारी शक्ति, शिक्षा, बालश्रम और पर्यावरण की आवश्यकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जीवंत नाटक प्रस्तुत किए जिनमें मोबाइल उपयोग के दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बालमुकुंद शिक्षण संस्थान की अध्यक्षा सीता सोंथलिया मौजूद रही हैं।विशिष्ट अतिथि डॉ. संगीता बनाफर प्रदेश अध्यक्ष,विश्व हिंदी परिषद शैक्षणिक प्रकोष्ठ, श्रीमती विद्या केडिया उपाध्यक्ष, बालमुकुंद शिक्षण समिति, श्रीमती हमीदा सिद्दीकी हाईकोर्ट एडवोकेट, पूर्व अध्यक्ष रोटरी क्लब, ग्लोरिया पिल्ले अध्यक्ष, इनरव्हील और सत्य प्रकाश चतुर्वेदी, पलक क्षत्रिय, अश्विनी यादव, संगीता साहू, राजश्री पुरसेठ आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती निशा क्षत्रिय ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और अंत में सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन प्रभारी प्राचार्य रविंद्र पांडे ने किया।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकगण – कुमारी उषा नाथ, रतन माला, रश्मिलता, रीना अफरोज, खुशी, संगीता, रितु, लक्ष्मी नारायण केंवट ,निक्की पांडे ,अनीता यादव आदि का विशेष सहयोग रहा। उल्लेखनीय है कि विश्व हिंदी परिषद नई दिल्ली भारत के छत्तीसगढ़ प्रकोष्ठ के द्वारा बच्चों को उनके शैक्षणिक गतिविधियों एवं उत्कृष्ट प्रतिभा के लिए सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।