
बिलासपुर राजकिशोर नगर।
स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर मनाए गए राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में ब्रह्माकुमारीज़ शिव अनुराग भवन द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चे, युवा, महिलाएँ एवं वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस केवल युवाओं का पर्व नहीं, बल्कि हर उस आत्मा का उत्सव है जो उत्साह, सकारात्मकता और सेवा भावना से परिपूर्ण है। ब्रह्मा कुमारीज़ के अनुसार, युवा होना उम्र से नहीं, बल्कि आत्मिक चेतना और श्रेष्ठ संस्कारों से जुड़ा हुआ गुण है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दीदी ने स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को स्मरण करते हुए कहा कि आत्मबल ही सबसे बड़ी शक्ति है। आज के समय में तनाव, चिंता, अवसाद और नकारात्मकता से मुक्ति के लिए आत्मिक जागृति और राजयोग ध्यान अत्यंत आवश्यक है।
संस्था द्वारा सिखाए जाने वाले राजयोग ध्यानको बच्चों के लिए एकाग्रता, युवाओं के लिए आत्म-विश्वास, महिलाओं के लिए सहनशक्ति तथा बुज़ुर्गों के लिए शांति और संतोष का सरल मार्ग बताया गया।
दीदी ने कहा कि जब व्यक्ति स्वयं शांत होता है, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र में शांति स्थापित हो सकती है।
कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थितजनों को सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों, नशामुक्त जीवन और सेवा भावना को अपनाने का संकल्प भी दिलाया गया। साथ ही यह संदेश दिया गया कि आत्मिक रूप से सशक्त युवा ही सशक्त भारत और विश्व शांति का आधार बन सकते हैं।