रातभर की मूसलधार बारिश से बिलासपुर जलमग्न, साइंस कॉलेज रोड-जोरापारा समेत कई इलाकों में 3 फुट तक भरा पानी, सड़कें बनीं दरिया

बिलासपुर, 17 जुलाई। बीती रात से लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने बिलासपुर शहर की रफ्तार थाम दी। रातभर हुई तेज बरसात के कारण शहर के कई निचले इलाके और गली-मोहल्ले जलमग्न हो गए। घरों-दुकानों में पानी घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

बिलासपुर: मूसलधार बारिश से सड़कों पर 3 फुट तक भरा पानी, साइकिल सवार और छाता लेकर निकलते लोग।

वीडियो कैप्शन: बिलासपुर में बारिश का कहर, स्कूल बस पानी में फंसी, मुख्य सड़कें बनीं दरिया।

वीडियो कैप्शन: जोरापारा में बाढ़ जैसे हालात, घरों में घुसा पानी, साइकिल लेकर पैदल निकलते लोग। स्थानीय निवासी बोले – ‘सरकार बड़ा नाला बनवाए’।

सबसे बदतर हालात साइंस कॉलेज रोड और जोरापारा के रहे। साइंस कॉलेज रोड पर 3 फुट तक पानी भरने से पूरी सड़क नदी-तालाब जैसी नजर आई। वहीं जोरापारा में बरगद क्षेत्र समेत पूरी बस्ती में घुटनों से कमर तक पानी भर गया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि लोग साइकिल लेकर पैदल पानी में चलने को मजबूर हैं। कारें आधी डूबी हुई हैं और घरों के गेट तक पानी पहुंच गया है।

एक स्थानीय निवासी ने कैमरे पर कहा – “देख रहे हैं आप जोरापारा, बरगद क्षेत्र पूरा पानी भर गया है। इस बार हमारे घर के अंदर भी पानी आ गया है। पिछली बार नहीं आया था। सरकार से विनम्र निवेदन है कि यहां बड़ा नाला बनवाए, ताकि जोरापारा, कपिल नगर, अशोक नगर में पानी ना भरे। दस-बीस साल से बन ही रहा है।”

इन इलाकों में भरा पानी
साइंस कॉलेज रोड, जोरापारा, सरकंडा, तोरवा, तारबाहर, मंगला, राजकिशोर नगर, चांटीडीह, विनोबा नगर, यदुनंदन नगर समेत दर्जनों कॉलोनियों में घरों के अंदर तक पानी घुस गया। नालियां चोक होने से पानी की निकासी नहीं हो पाई।

प्रशासन हरकत में
नगर निगम की टीमें सुबह से ही साइंस कॉलेज रोड, जोरापारा समेत जलभराव वाले क्षेत्रों में पंप लगाकर पानी निकालने में जुटी हैं। आयुक्त ने सभी जोन अधिकारियों को मौके पर तैनात रहने और तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, बिलासपुर में पिछले 24 घंटे में 125 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। विभाग ने अगले दो दिन तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर साल बारिश में यही हाल होता है, लेकिन नालों की सफाई और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था अब तक नहीं हो पाई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *