
बिलासपुर। बिलासपुर के श्रीराम केयर हॉस्पिटल में एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मृतका की बेटी संगीता साहू ने मीडिया के सामने रो-रोकर अस्पताल पर इलाज में भारी लापरवाही और सरकारी डॉक्टर के प्राइवेट प्रैक्टिस का गंभीर आरोप लगाया है।

वीडियो में देखें परिजनों का आरोप…
1. कान में छेद, फिटनेस के नाम पर दिल का टेस्ट – बेटी का आरोप
मृतका की बेटी संगीता ने बताया –
“मैं संगीता साहू, मेरी मां का नाम सुखम साहू, पिता राम जी साहू हैं। हम मूलतः मुंगेली जिले के हैं, बिलासपुर में रहते हैं। मेरी मां के कान में पानी भर गया था, पर्दे में छोटा छेद था। डॉक्टर ने कहा सूखने पर छोटी सर्जरी करेंगे।”
संगीता के मुताबिक, कान की सर्जरी से पहले फिटनेस टेस्ट के लिए उन्हें कोनी स्थित सिम्स (CIMS) मल्टी स्पेशलिटी में पदस्थ डॉ. अभिषेक कुमार के पास भेजा गया।
2. 19 हजार से 10 हजार – पैसों का खेल?
बेटी का आरोप है कि डॉ. अभिषेक कुमार ने एंजियोग्राफी के लिए श्रीराम केयर हॉस्पिटल भेजा।
“पहले 19 हजार बताया, जब बोले डॉक्टर साहब ने भेजा है तो 10 हजार में करने को राजी हो गए।”
3. 15 मिनट पहले चाय-बिस्किट खिलाकर एंजियोग्राफी
सबसे बड़ा आरोप यही है –
“कोई भी ऑपरेशन या टेस्ट करने से पहले 3-4 घंटा मरीज को खाली पेट रखा जाता है। मेरी मां को 15 मिनट पहले ही चाय-बिस्किट खिला दिया। ये सब CCTV में दिखेगा। कल ही मेरी मां एक्सपायर हो गई।”
4. सरकारी डॉक्टर प्राइवेट में कैसे कर रहा सर्जरी?
संगीता ने कहा –
“डॉ. अभिषेक कुमार सरकारी कर्मचारी है, सिम्स कोनी का। वो यहां श्रीराम में आकर खुद सर्जरी कर रहा है। दो-दो जगह सर्विस दे रहा है। उसकी सर्विस जानी चाहिए। हम तो सिर्फ टेस्ट कराने आए थे, सोचने का मौका तक नहीं दिया।”
5. अस्पताल प्रबंधन फरार
“कल से हॉस्पिटल का कोई स्टाफ बात करने को तैयार नहीं है, सबके फोन बंद हैं। ये पैसों को भगवान समझते हैं। ये बहुत घटिया हॉस्पिटल है। इन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, लाइसेंस निरस्त होना चाहिए।”
परिजनों की मांग – अस्पताल सील हो, डॉक्टर पर कार्रवाई हो
मृतका के परिजनों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल के लाइसेंस को निरस्त करने और संबंधित डॉक्टर की सरकारी नौकरी पर कार्रवाई की मांग की है।
