
एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में तहसीलदार नारायण गवेल और पटवारी कौशल यादव के ऊपर एफ आई आर दर्ज किया था इसमें एक तरफ जहां तहसीलदार नारायण गवेल ने 4 सप्ताह में जांच पूरी कर चार्जशीट पेश कर करने का आदेश जारी किया गया है वहीं दूसरी तरफ कौशल यादव के मामले में 6 सप्ताह के भीतर कोर्ट में प्राथमिक जांच के आधार पर खात्मा पेश करने का आदेश जारी किया गया है आपको बता दें की पटवारी के वकील ने तर्क पेश किया है कौशल यादव के खिलाफ दूसरी बार जांच की जा रही है दिसंबर 2019 में एफ आई आर का खात्मा किया जा चुका है उसके बावजूद दोबारा जांच की जा रही है और केवल प्रताड़ना के उद्देश्य यह जांच की जा रही है और एक प्रकार से पूर्व में खात्मा करने वाले सभी के अधिकारियों की भी जांच की जा रही है कि उन्होंने खात्मा कैसे कर दिया यह विरोधाभास वाली स्थिति उत्पन्न हुई है और दोबारा जांच पर कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिया है आपको बता दें कि कौशल यादव और तहसीलदार नारायण गवेल जंग जारी है एक दूसरे को निपटाने का खेल मैं लगे हैं और यह बहुत चर्चित लड़ाई है जो जारी है


