इन दिनों सोशल मीडिया फेसबुक और वाट्सएप पर में एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है पढ़े इसकी सच्चाई

इन दिनों सोशल मीडिया फेसबुक और वाट्सएप पर में एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि अगर कोई व्यक्ति पिछले तीन साल से टैक्स रिटर्न भर रहा है और एक्सीडेंट में उसकी मौत हो जाती है, तो सरकार तीन साल की औसत आय का 10 गुना मुआवजा देती है। 31 अगस्त इनकम टैक्स भरने की अंतिम समय है इसलिए लोग इसे खूब पढ़ रहे और शेयर कर रहे हैं। श्रीसूर्या पुष्पा न्यूज जो एक वेबपोर्टल है इसकी जांच पड़ताल चालू किया और कुछ एक्सपर्टस व कानून के जानकार से बाते की गई बिलासपुर के सीए और वरिष्ठ अधिवक्ता से बातचीत हुई मैसेज की हकीकत की जानकारी पता चली हमारा केवल यही कहना था कि किसी को गलत खबर ना मिले

वायरल मैसेज

  • पहले हिस्से में बताया गया है कि अगर किसी व्यक्ति की लगातार सालाना आय 4 से 5 और 6 लाख है तो उसने टैक्स दिया है तो उसकी औसत आय 5 लाख होगी। इसका दस गुना मतलब 50 लाख रुपए उस व्यक्ति के परिवार को सरकार देगी।
  • अगर लगातार तीन साल से व्यक्ति रिटर्न दाखिल नहीं करता तब भी परिवार को पैसा मिलेगे। ऐसे केस में सरकार एक डेढ़ लाख देकर किनारा कर लेती है। ज़्यादातर लोग जानकारी के अभाव में क्लेम सरकार से नहीं करते।
  • आगे बताया गया है कि करदाता आईटीआर फाइल नहीं करते जिसके कारण आयकर विभाग से टीडीएस वापस नहीं मिल पाता। हमारे कई साथी / भाई एक्सीडेंटल डेथ में हमारा साथ छोड़ गए लेकिन जानकारी के अभाव में उनके परिवार को आर्थिक लाभ नहीं मिल पाया।
  • मैसेज में मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 166 और सुप्रीम कोर्ट में 2013 में सिविल अपील नंबर 9858 का जजमेंट, 2008 में एसएलपी (सी) नंबर 1056 और डीटी 31 अक्टूबर 2013 का हवाला दिया गया है।

आखिर क्या है वायरल मैसेज का सच्चाई जानते है
चार्टर्ड अकाउंटेंट दीपक के अनुसार इनकम टैक्स भरने का सड़क हादसे में मौत पर सरकार और मुआवजे से कोई संबंध नहीं है ओर आईटीआर फाइल करना करदाता की आय का प्रूफ होता है इससे पता चलता है कि करदाता आय समय पर टैक्स भर रहा है ।

एडवोकेट वैष्णव जी का कहना है कि मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 166 में सड़क हादसे में मरने वाले के परिजनों या घायल को मुआवजा दिलाने का अधिकार है। इसका इनकम टैक्स भरने और सरकार से मुआवजा लेने जैसा कोई नियम नही क्योंकि दुर्घटना होने पर इंश्योरेंस कंपनी मुआवजा देती है न कि सरकार या आयकर विभाग गौर से पढ़िए आगे

क्या कहती है मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 166 ?
किसी व्यक्ति की सड़क हादसे में मौत हो जाती है तो उसके परिजनों को मुआवजा लेने का अधिकार है इसके लिए मृतक के आय का प्रमाण चाहिए होता है। इसके बाद इसकी एक साल की आय का 20 से 30 गुना तक मुआवजा मिलता है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कई गाइड़लाइन जारी की हैं ओर अधिक जानकारी के लिए सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस आप पढ़ सकते है जानकारी के अभाव या गलत जानकारी के चक्कर मे ना पड़े इसलिए हमको आप तक जानकारी साझा करनी थी ताकि निकट भविष्य के किसी भी प्रकार के भ्रमक खबरों से आप सब विचलित ना हो

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