
आधुनिक समाज की एक अत्यंत ज्वलंत समस्या है नशा इसने लाखों युवकों की रचनात्मक व क्रियात्मक शक्ति को नष्ट किया है यह व्यसन व्यक्ति को शारीरिक मानसिक, सामाजिक तथा आर्थिक रूप से भी नष्ट कर देता है मादक द्रव्यों से आनंद की अनुभूति केवल क्षणिक ही होती है बहुत थोड़े समय से ही सब कुछ दुख एवं पीड़ा में परिवर्तित हो जाता है इसके बाद झूठ, ठगी, चोरी,शुरू होती है अपने इस भूख को शांत करने के लिए व्यक्ति अनेको समाज एवं राष्ट्र विरोधी कार्य करने लगता है दुर्व्यसन में सबसे बड़ी दुर्भाग्य की बात यह है कि कुछ भोले- भोले व्यक्ति ज्ञान न होने के कारण इसमें फस जाते हैं कुछ लोग अपने स्वार्थ के कारण उन्हें बिना बताए नशा की चीज देते रहते हैं विशेषज्ञ महसूस करते हैं कि निकट भविष्य में स्कूल जाने वाले हर बच्चे पर कम से कम एक बार नशा लेने के लिए दबाव डाला जाता है भारतवर्ष विश्व का सबसे युवा देश है जिसकी 65% आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है सस्ते दामों पर रंग-बिरंगे पैकेट में तंबाकू गुटखा उपलब्ध कराना यह अंतराष्ट्रीय कंपनियों का हमारे देश की युवा पीढ़ी के प्रति संगठित अपराध है कई बार मित्रो के प्रभाव में आकर भी वे सारी उम्र के लिए व्यसनी बन जाते हैं बच्चे साथियों के दबाव में ना आए इसके लिए उन्हें शिक्षित करना अनिवार्य है किशोरावस्था के बच्चों को इन व्यसनो को पहली बार में ही ना कहना चाहिए एक बार भी चखने की कोशिश नहीं करनी चाहिए खराब संग से अकेला रहना ही भला | व्यसनी व्यक्ति से व्यसन छुड़ाने के लिए आपको भावनात्मक रूप से बुद्धिमान होना चाहिए| उनकी भावनाओं का सकारात्मक उपयोग करके आप उन्हें विश्वास में लेकर व्यसन मुक्त कर सकते है
उक्त बातें प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय टिकरापारा मे ब्रह्माकुमारी रूपा दीदी ने नशा मुक्त भारत अभियान के संदर्भ में बताते हुए कही | उन्होंने आगे कहा कि सभी नशे में कुछ ना कुछ नुकसान है शिवाय एक नारायणी नशे के नारायणी नशा अर्थात निरंतर एक परमात्मा की याद में रहना और यही राजयोग है तथा
राजयोग के द्वारा आप सहज ही इन व्यसनो से छुटकारा पा सकतेहै जो व्यसन से दूर है वह अपने आप को मानसिक शारीरिक भावनात्मक तथा बौद्धिक रूप से सदा कल के लिए स्वस्थ रख सकते हैं
तो आज से हम सभी नशा मुक्ति के मसीहा बनकर पूरे समाज को जागरूक करेंगे और अपने युवाओं को केवल नशा मुक्त ही नहीं बल्कि भारत देश को विश्व गुरु भी बनाएंगे अंत में सभी ने नशा मुक्त रहने का प्रतिज्ञा किये |