
बिलासपुर । प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी राष्ट्रीय समिति बिलासपुर द्वारा छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध साहित्यकार डाॅ अश्वनी केशरवानी जी का सम्मान किया गया । यह आयोजन डाॅ विनय कुमार पाठक पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति थावे विद्यापीठ गोपालगंज बिहार के मुख्य आतिथ्य में डाॅ राघवेन्द्र कुमार दुबे की अध्यक्षता एवं श्री सनत तिवारी वरिष्ठ कवि के विशिष्ट आतिथ्य में सम्पन्न हुआ ।
इस अवसर पर सरस्वती वंदना और स्वागत गान की प्रस्तुति श्री राम निहोरा राजपूत जी द्वारा की गई ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डाॅ विनय कुमार पाठक ने डा केशरवानी जी को बंधाई दी और सक्रिय साहित्य सेवा करने की कामना करते हुए कहा कि इन्होंने जो छत्तीसगढ़ के साहित्यकारों तथा स्थलों पर जो शोध किया है उसे शीघ्र प्रकाशित करें क्योंकि वे वर्तमान में बहुत ही महत्वपूर्ण हैं । इन्होंने साहित्य की महत्वपूर्ण सेवा की है अतः अभिनंदनीय हैं ।
इस अवसर पर अभिनंदित डाॅ अश्वनी केशरवानी ने कहा कि मुझे छत्तीसगढ़ महतारी और शिवरीनारायण भगवान का आशीर्वाद मिला जिसके कारण मैं साहित्य सेवा साधना से जुड़ा और प्रेरणा मिली कि छत्तीसगढ़ के पुरोधाओं के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर शोध किया जाए और प्रकाशित किया जाय और मैं उसी राह पर चल निकला । अभी तक अनेक कृतियाँ प्रकाशित हुई हैं और अभी मैं अपने पुत्र के यहाँ अमेरिका गया था वहाँ भी अपने जीवन संस्मरण लिखा जो शीघ्र ही प्रकाशित होगी ।
विशिष्ट अतिथि श्री सनत तिवारी जी ने भी अपनी बधाई देते हुए विचार व्यक्त किये ।स्वागत भाषण में डाॅ बजरंगबली शर्मा ने प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी द्वारा किये जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए बधाई दी । इस अवसर पर प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी एवं पंडित अमृतलाल दुबे जयंती समारोह समिति द्वारा शाल श्री फल एवं मोमेंटो भेंट करके सम्मानित किया गया । इस अवसर पर डाॅ महेन्द्र दुबे ने स्मारिका भेंट की ।डाॅ विवेक तिवारी ने पंडित अमृतलाल दुबे की काव्य कृति अमृत काव्य कलश की प्रति डाॅ राघवेन्द्र कुमार दुबे ने स्वयं की काव्य कृतियाँ तथा राजेश सोनार जी ने अपनी कविता संग्रह अनुभूतियों के स्वर की प्रति भेंट की वहीं डाॅ केशरवानी जी का परिचय शत्रुघन जैसवानी ने दिया ।डाॅ केशरवानी ने भी अपनी कृतियाँ डाॅ विनय कुमार पाठक जी को भेंट किया ।
कार्यक्रम का संचालन डाॅ राघवेन्द्र कुमार दुबे ने और आभार प्रदर्शन श्री विष्णु कुमार तिवारी ने किया । इस अवसर पर शीतल प्रसाद पाटनवार शत्रुघन जैसवानी, राजेश सोनार, सरस्वती सोनी, श्रीमती कल्याणी केशरवानी, महेन्द्र दुबे, डाॅ विवेक तिवारी, विष्णु कुमार तिवारी, आशीष श्रीवास, डाॅ अंकुर शुक्ला, राम निहोरा राजपूत एवं अन्य साहित्यकार उपस्थित थे ।