भीतर के रावण पर विजय का पर्व है दशहरा : ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी

राजकिशोर नगर, दिनांक 02/10/2025 –
ब्रह्माकुमारीज़ शिव अनुराग भवन द्वारा आयोजित चैतन्य देवियों की झांकी व सहस्त्र ज्योतिर्लिंग दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही लगी रही। शुभकामनायें देते हुए मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल सहित अनेक लोगों ने झांकी दर्शन का लाभ लिया।

इस अवसर पर ब्रह्मा कुमारी मंजू दीदी ने विजयादशमी पर्व का आध्यात्मिक रहस्य स्पष्ट करते हुए बताया कि असली रावण कोई बाहरी नहीं बल्कि मन के दस विकार – काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, ईर्ष्या, द्वेष, आलस्य, छल और हठ – ही हैं। इन्हीं पर विजय प्राप्त करना ही सच्चे दशहरे का संदेश है।

सात्विकता को जीवन में बनाये रखें…
दीदी ने कहा कि नवरात्रि के नौ दिन सात्विक भोजन, सात्विक विचार और सात्विक दिनचर्या से आत्मा की ज्योति प्रज्वलित करने का अभ्यास है। यदि इनको जीवन का स्थायी हिस्सा बनाया जाए तो आत्मा रूपी दीपक अखंड रूप से प्रकाशित रह सकता है।

परमात्मा को स्मरण कर आत्म-अभिमानी स्थिति में रहने से ही मन का अंधकार मिटता है और सच्ची विजय प्राप्त होती है। दशहरे का वास्तविक अर्थ है बाहर के पुतलों को जलाने से पहले भीतर के विकारों का दहन करना।

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