साहित्यिक संस्था ‘काव्य वाटिका’ एवं ‘स्पंदन कला’ ने बसंत राघव को ‘काव्य वाटिका सम्मान 2026’ से सम्मानित किया 

रायगढ़, छत्तीसगढ़ | 10 मई 2026
शहर की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था ‘काव्य वाटिका’ द्वारा साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए आयोजित सम्मान समारोह में सुप्रसिद्ध साहित्यकार श्री बसंत राघव को ‘काव्य वाटिका सम्मान 2026’ से विभूषित किया गया। 

समारोह में वरिष्ठ कथाकार रमेश शर्मा और प्रोफेसर राजकुमार राठौर विशेष रूप से उपस्थित रहे। संस्था ने अपनी 47वीं श्रृंखला के अंतर्गत श्री राघव के निवास स्थान पंचवटी नगर जाकर उन्हें शाल, श्रीफल और हरित पौधा भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशा मेहर किरण एवं डॉ. सुधा देवांगन ‘सुचि’ के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। 

श्री राघव हिंदी और छत्तीसगढ़ी साहित्य के प्रतिष्ठित कवि, कथाकार एवं समीक्षक हैं। उनकी रचनाओं में _‘नदी से एक संवाद’_ जैसी प्रभावशाली कविताएँ तथा छत्तीसगढ़ी में _‘बरखा’, ‘बनइला सूरा’, ‘बनगइहां के लोक’, ‘अगोरा’, ‘गांव’_ जैसी रचनाएँ शामिल हैं। उन्होंने _’अपने-अपने देवधर’* नामक कृति का संपादन भी किया है, जो डॉ. देवधर महंत के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर केंद्रित है। उनकी लेखनी मुख्यतः सामाजिक संवेदनाओं, प्रकृति और नारी अस्मिता से जुड़ी रही है। 

इस अवसर पर ‘काव्य वाटिका’ परिवार ने श्री राघव के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी लेखनी निरंतर समाज को दिशा देती रहेगी।

         कार्यक्रम में संस्था के संरक्षक एवं कार्यकारिणी सदस्य डॉ. आशा मेहर किरण, आनंद सिंघनपुरी, डॉ. सुधा देवांगन ‘शुचि’, अरुणा साहू, चित्रकार मनोज श्रीवास्तव, लिशा पटेल ‘दिव्य’ एवं कन्हैया लाल गुप्ता उपस्थित रहे। 

इस उपलब्धि पर रायगढ़ के स्थानीय साहित्यकारों और प्रबुद्धजनों ने श्री बसंत राघव को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।

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