जेसीसीजे 2.0 का बिलासपुर से शंखनाद: ‘बेटा बचाओ आंदोलन’ के साथ नया राजनीतिक विकल्प लेकर उतरे अमित जोगी

रेणु जोगी-अमित जोगी का ऐलान– अब विरासत नहीं, विजन से चलेगी पार्टी; विस्थापितों की निःशुल्क कानूनी लड़ाई लड़ेंगे


बिलासपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने बुधवार को बिलासपुर प्रेस क्लब में “जेसीसीजे 2.0 – नया विजन, नया स्वरूप, नई कार्ययोजना” का औपचारिक शुभारंभ किया। पार्टी ने ‘बेटा बचाओ आंदोलन’ को अभियान की धुरी बनाते हुए प्रदेश में खुद को नए राजनीतिक विकल्प के रूप में प्रस्तुत करने की घोषणा की।

पत्रकार वार्ता में पार्टी की सर्वोच्च नेता डॉ. रेणु जोगी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित जोगी और प्रदेश अध्यक्ष ईश्वर उपाध्याय सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

अमित जोगी: अब परिवार नहीं, जनता तय करेगी दिशा
अमित जोगी ने कहा कि जेसीसीजे अब नए संगठनात्मक ढांचे, नई सोच और जनकेंद्रित कार्ययोजना के साथ पूरे प्रदेश में विस्तार करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया, “पार्टी अब किसी परिवार या विरासत की मोहताज नहीं है। संगठन को नए स्वरूप में जनता के बीच ले जाएंगे।”

‘बेटा बचाओ आंदोलन’ बना पार्टी का चेहरा
जोगी ने बताया कि जेसीसीजे 2.0 को प्रदेशव्यापी ‘बेटा बचाओ आंदोलन’ से जोड़ा गया है। यह अभियान नशे की गिरफ्त में फंस रहे युवाओं को बचाने और परिवारों को जागरूक करने का सामाजिक आंदोलन है। उन्होंने कहा, “यह केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि माताओं, परिवारों, शिक्षकों, चिकित्सकों और पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।”

चुनाव सुधार पर बड़ा दांव: 66 दलों को बहिष्कार का प्रस्ताव
लोकतंत्र की रक्षा के लिए गंभीर राजनीतिक सुधारों की आवश्यकता बताते हुए अमित जोगी ने दावा किया कि उन्होंने निर्वाचन आयोग की सूची में शामिल लगभग 66 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अध्यक्षों को आगामी चुनावों के बहिष्कार का प्रस्ताव भेजा है। विपक्षी एकजुटता का प्रयास विफल होने पर उन्होंने कहा कि जेसीसीजे अब प्रदेश में स्वतंत्र और संघर्षशील राजनीतिक विकल्प के रूप में आगे बढ़ेगी।

विस्थापितों के वकील बनेंगे अमित जोगी
जोगी प्रकरण पर पूछे गए सवाल पर अमित जोगी ने न्यायपालिका पर पूरा भरोसा जताया और कहा कि वे कानून के दायरे में अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे। साथ ही घोषणा की कि नकटी सहित हसदेव, लैलूंगा, बचेली, केशदा-इकलामा (कवर्धा), पथर्रा-बेमेतरा और फास्टरपुर-मुंगेली जैसे क्षेत्रों के विस्थापितों के मामलों की पैरवी वे एक अधिवक्ता के रूप में निःशुल्क कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।

रेणु जोगी ने साझा किए अजीत जोगी के संस्मरण
डॉ. रेणु जोगी ने स्व. अजीत जोगी के सादगीपूर्ण व्यक्तित्व को याद करते हुए बताया कि विवाह के समय उन्होंने दहेज लेने से स्पष्ट इनकार किया था और जीवनभर सिद्धांतों एवं सामाजिक मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

बिलासपुर से भावनात्मक रिश्ता
अमित जोगी ने बिलासपुर से परिवार के जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके माता-पिता स्व. अजीत जोगी और डॉ. रेणु जोगी का बचपन यहीं बीता। “उनकी प्रेम कहानी की शुरुआत भी बिलासपुर प्रेस क्लब के निकट कंपनी गार्डन से हुई थी। बिलासपुर हमारे लिए तीर्थ से कम नहीं है,” जोगी ने कहा।

बूथ तक संगठन, जनसंपर्क होगा तेज
पार्टी नेताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन विस्तार, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, जनसंपर्क अभियान और प्रदेशव्यापी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी साझा की।

कार्यक्रम के अंत में जिला अध्यक्ष प्रशांत त्रिपाठी ने बिलासपुर की मीडिया का आभार व्यक्त किया और कहा कि जेसीसीजे 2.0 और ‘बेटा बचाओ आंदोलन’ को साझा जनआंदोलन के रूप में पूरे प्रदेश में आगे बढ़ाया जाएगा।

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