पुराने संस्कारों को समाप्त करने ईश्वर से गहन योग जरूरी : बीके मंजू दीदी

ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा में रविवार विशेष परमात्म महावाक्य

बिलासपुर। ब्रह्माकुमारीज़ प्रभु दर्शन भवन, टिकरापारा में रविवार विशेष परमात्म महावाक्य सुनाते हुए बीके मंजू दीदी ने कहा कि जीवन में केवल बुरी आदतों को दबाना नहीं, बल्कि परमात्मा की गहन स्मृति से उन्हें हमेशा के लिए समाप्त करना ही सच्चा पुरुषार्थ है। गहन याद या योग जिसे ज्वालामुखी योग कहा जाता है। जैसे सोने को तपाने से उसकी अशुद्धि निकल जाती है उसी प्रकार ज्वालामुखी योग मन बुद्धि संस्कार में परिवर्तन लाता है।

आलस्य है सफलता में सबसे बड़ी बाधा…
उन्होंने कहा कि आलस्य और “कल कर लेंगे” की आदत सफलता में सबसे बड़ी बाधा है। जो कार्य करना है, उसे आज ही पूरा करने का संकल्प लें। दूसरों की कमियाँ देखने के बजाय सभी को सहयोग देना ही सच्ची सेवा है।

दीदी ने कहा कि हमारी वाणी मधुर, व्यवहार सरल और वातावरण शांतिपूर्ण होना चाहिए, ताकि हमारे संपर्क में आने वाले हर व्यक्ति को शांति और खुशी का अनुभव हो।

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