
बिलासपुर। द्रोणा पब्लिक स्कूल में भारतीय संस्कृति, परंपराओं एवं पारंपरिक खेलों से जोड़ने के उद्देश्य से किला निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने उत्साह, रचनात्मकता एवं कल्पनाशीलता के साथ सुंदर-सुंदर किलों का निर्माण किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में विद्यालय की प्राचार्या मानसी गोवर्धन ने बताया कि महाराष्ट्र में दीपावली के अवसर पर घर-घर में मिट्टी के किले बनाने की सुंदर एवं प्राचीन परंपरा है। इस परंपरा के माध्यम से बच्चों को छत्रपति शिवाजी महाराज के गौरवशाली इतिहास, वीरता एवं मराठा संस्कृति से परिचित कराया जाता है।
विद्यालय की उपप्राचार्या रमा मिश्रा ने कहा कि ऐसी गतिविधियाँ बच्चों में रचनात्मकता, सहयोग, कल्पनाशक्ति तथा अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना विकसित करती हैं।
विद्यालय के चेयरमैन डॉ. अशोक पांडेय एवं सचिव मीनू पांडेय ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।
इस प्रतियोगिता का सफल संचालन शुभांगी दांडेकर, श्रद्धा गुप्ता, विधि सिंह एवं हर्ष साहू के मार्गदर्शन में किया गया।
विद्यालय का उद्देश्य नई पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ अपनी प्राचीन संस्कृति एवं ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराना है।