
बिलासपुर, 31 अक्टूबर 2026। पुलिस अधिकारी अपनी ड्यूटी के दौरान समाज की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और नागरिकों की जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करते हैं। लेकिन इन जिम्मेदारियों के बीच अपने परिवार के प्रति भी समय और भावनात्मक जुड़ाव बनाए रखना आवश्यक है। परिवार के साथ बिताया गया क्वालिटी टाइम न केवल रिश्तों में प्रेम और विश्वास बढ़ाता है, बल्कि मानसिक तनाव को कम कर व्यक्ति को भीतर से संतुष्ट और प्रसन्न भी बनाता है। यह विचार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय बिलासपुर के मुख्य सेवाकेन्द्र टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित राजयोग भवन की संचालिका बीके स्वाति दीदी ने व्यक्त किए।
बिलासपुर रेंज पुलिस विभाग द्वारा आयोजित रेंज स्तरीय रिफ्रेशर कोर्स के अंतर्गत पुलिस अधिकारियों के लिए तनाव प्रबंधन एवं मानसिक स्वास्थ्य विषय पर छठवें बैच की कार्यशाला पुलिस लाइन स्थित चेतना हॉल में आयोजित की गई। इसमें बिलासपुर रेंज के विभिन्न आठ जिलों से लगभग 110 पुलिस अधिकारियों ने सहभागिता की।
स्वाति दीदी ने कहा कि पुलिस की नौकरी सामान्य नौकरी से अलग है। इसमें अनिश्चित कार्य समय, आपातकालीन परिस्थितियां, अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और जनता की अपेक्षाओं के कारण कई बार अधिकारी अपने परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पाते। कभी-कभी शारीरिक रूप से घर पहुंचने के बाद भी उनका मन ड्यूटी की घटनाओं और कार्य संबंधी चिंताओं में उलझा रहता है। ऐसे में परिवार के सदस्य उनके साथ होते हुए भी उनसे भावनात्मक रूप से दूर महसूस कर सकते हैं। इसलिए आवश्यक है कि हम केवल परिवार के साथ रहने का समय ही न बढ़ाएं, बल्कि उस समय में अपनी उपस्थिति और एकाग्रता भी बनाए रखें।
ब्रह्माकुमारी स्वाति दीदी ने मार्गदर्शन देते हुए कहा, जब आप घर लौटें, तो दफ्तर या फील्ड के तनाव को दरवाजे के बाहर ही छोड़ दें, ड्यूटी का तनाव घर न लेकर आएं। परिवार के साथ बिताया गया समय घड़ी की सुइयों से नहीं, बल्कि आपके व्यवहार और ध्यान से मापा जाता है। भले ही आपको दिन में आधा घंटा मिले, लेकिन उस दौरान पूरी तरह मानसिक रूप से अपने बच्चों और जीवनसाथी के साथ मौजूद रहें। उनकी बातें सुनें, उनसे संवाद करें। इससे आप स्वयं भी मानसिक संतुष्टि का अनुभव करेंगे और आपके परिवार वाले भी खुश रहेंगे।
नशा मुक्ति की दिलाई गई शपथ
कार्यशाला के अगले चरण में मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाली आदतों पर गंभीर चर्चा की गई। स्वाति दीदी ने नशे से होने वाले व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक नुकसान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नशा न केवल इंसान की निर्णय क्षमता को खत्म करता है, बल्कि अच्छे-भले हँसते-खेलते परिवार को बर्बादी की कगार पर ला खड़ा करता है। तनाव से मुक्ति पाने के लिए नशे का सहारा लेना एक गंभीर भूल है, जबकि राजयोग और सकारात्मक सोच ही इसका असली समाधान है। इस अवसर पर कार्यशाला में उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियों को जीवनभर नशा मुक्त रहने और अपने समाज व विभाग को नशा मुक्त बनाने के लिए ‘नशा मुक्ति की शपथ’ दिलाई गई।
बिलासपुर रेंज में पुलिस अधिकारियों की कार्यकुशलता और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा यह व्यापक रिफ्रेशर कोर्स उच्च अधिकारियों की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। इस पूरे आयोजन और रिफ्रेशर कोर्स के सभी बैचों का सफल संचालन पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग जी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह जी तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह जी के कुशल मार्गदर्शन और दिशा-निर्देशन में निरंतर किया जा रहा है। ब्रह्माकुमारी संतोषी दीदी एवं डॉ कमल छाबड़ा भाई का विशेष सहयोग रहा।