
सिम्स की दन्त चिकित्सा विभाग द्वारा प्रदेश में पहला ऑर्थोग्नेथिक सर्जरी की कार्यशाला सिम्स के ऑडिटोरियम में आज दिनांक 06/10/2024 को आयोजित की गई। इस प्रकार की सर्जरी उन मरीजों में की जाती है जिन मरीजों के जबड़े बचपन से विकृत हो गया है या जो नॉर्मल से ज्यादा बढ़ गया है या नार्मल से छोटा हो गया है या जिनके दांत बहुत ज्यादा बाहर निकले हुए है , जिनको तार लगाने पर भी ठीक नहीं किया जा सकता है। उन मरीजों के जबड़ों की इस विकृति को सर्जरी करके ठीक किया जाता है या सीधा किया जाता है। इस प्रकार की सर्जरी पहले भी सिम्स के दन्त चिकित्सा विभाग में किया जा चूका है। इस कार्यशाला में सम्मिलित होने के लिए पुरे छत्तीसगढ़ प्रदेश के दन्त चिकित्सक एवं सिम्स के एम बी बी एस के छात्र , दोनो डेंटल कॉलेजों के छात्र – छात्राएं एवं शिक्षक भी सम्मिलित हुए है। लगभग १५० से अधिक दन्त चिकित्सक इस कार्यशाला से लाभान्वित हुए हैं।
डॉ भूपेंद्र कश्यप एवं विभागाध्यक्ष डॉ जण्डेल सिंह ठाकुर के निर्देशन में आयोजित की गई।
यह कार्यशाला दो चरणों में की गई। पहले चरण में दिनांक 05/10/2024 शनिवार को मरीज करीना उम्र 20 वर्ष महिला की ऑर्थोग्नेथिक सर्जरी किया गया ; जिसमे उसके टेढ़े एवं विकृत चेहरे को सीधा करने के लिए दाहिने निचले जबड़े में आर्टिफीसियल जॉइंट (Total Joint Replacement )लगाने के साथ बायीं तरफ जबड़े की काटकर लंबा (BSSO ), ठुड्डी (Genioplasty )को थोड़ा आगे किया गया तथा इसके बाद ऊपरी जबड़े को le-Forte 1 ओस्टिओटोमी किया गया। जिससे मरीज का चेहरा सीधा हो गया तथा तीन उंगली तक 3 सेंटीमीटर खुलने लगा। पहले 1 से 2 मिलीमीटर ही मुँह खुलता था।
उसके द्वितीय चरण में दिनांक 06 /10/2024 रविवार को उक्त कार्यशाला में पूर्व में किये गए इस प्रकार की सभी सर्जरी के बारे में विस्तार से चर्चा की गई।

दन्त चिकित्सा विभाग के समस्त चिकित्सक डॉ संदीप प्रकाश , डॉ हेमलता राजमणी , डॉ प्रकाश खरे , डॉ सोनल पटेल एवं सिस्टर ग्रेसी तथा कर्मचारी ओंकार नाथ यादव , उमेश साहू , एवं मनोज यादव सभी के सहयोग से यह कार्यशाला सफलता पूर्वक सायं ५ बजे तक संपन्न हुआ। इस कार्यशाला में विख्यात विशेषज्ञ सर्जन डॉ अनुज दाधीच एवं आर्मी के लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ विवेक कुमार ठाकुर तथा सिम्स के प्राध्यापक डॉ संदीप प्रकाश एवं सहायक प्राध्यापक डॉ हेमलता राजमणी द्वारा अपना-अपना शोध एवं व्याख्यान प्रस्तुत किया । इस कार्यशाला के मुख्य अतिथि डॉ रामनेश मूर्ती – अधिष्ठाता छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर एवं विशेष अतिथि डॉ अमित वास्ती रजिस्ट्रार छ ग डेंटल कौंसिल रायपुर थे। इस कार्यशाला में डॉ लखन सिंह – सिम्स अस्पताल अधीक्षक , डॉ बी पी सिंह – संयुक्त संचालक एवं प्रभारी अधीक्षक सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल बिलासपुर , डॉ ए आर बेन पूर्व अस्पताल अधीक्षक एवं विभागाध्यक्ष हड्डी रोग विभाग सिम्स बिलासपुर, डॉ मधुमिता मूर्ती – विभागाध्यक्ष निश्चेतना विभाग , डॉ राणा वर्गिश अधिष्ठाता न्यू होराइजन डेंटल कॉलेज बिलासपुर एवं अन्य गणमान्य चिकित्सकगण उपस्थित हुए।
अधिष्ठाता डॉ रामनेश मूर्ती द्वारा भूरी भूरी प्रशंसा की गई एवं भविष्य ऐसे ही कार्यशाला आयोजन करने हेतु उत्साहित किया गया।
