
दिनांक 4/2/25,को रथसप्तमी के अवसर पर भगिनी मंडल राजेंद्र नगर में पारंपरिक हल्दी-कुंकुम कार्यक्रम धूमधाम से संपन्न हुआ। इस अवसर पर महिलाओं ने एक-दूसरे को हल्दी-कुंकुम लगाकर मंगलकामनाएं दीं। यह कार्यक्रम संक्रांति के उपलक्ष में किया गया। मकर संक्रांति का महत्व इस वजह से है कि इस दिन सूर्य उत्तरायण होते हैं. उत्तरायण का मतलब है कि सूर्य दक्षिण से उत्तर की ओर यात्रा शुरू करते हैं. संक्रांति के दिन सूर्य देव और शनि देव की पूजा की जाती है. इस दिन दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है. इसमें तिल और गुड़ से बनी मिठाई को बांटा जाता है।
संस्था द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक और पारंपरिक संस्कृति को ध्यान में रखते हुए सुंदर सजावट की गई थी सभी महिलाओं को हल्दीकुंकू लगाकर तिलगुड़ और सुहागन को वाण बाटे गए । सभी ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का आनंद लिया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए अध्यक्ष सौ अंजली गोवर्धन,सचिव सौ मानसी गोवर्धन ने सुरभि खंनगन, उन्नति औतलवार, शिवानीविठ्ठलकर,शुभांगी दांडेकर, ज्योति शीलेदार वर्तिका दिग्रस्कर और सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया
