यह रही स्वरचित कविता पायल लाठ द्वारा जिसका शीर्षक हैनारी,तुम्हें अब ख़ुद का सम्मान करना होगा

यह एक सुंदर और प्रेरक कविता है जो महिलाओं को उनके अधिकारों और सम्मान के बारे में जागरूक करने के लिए लिखी गई है। यह कविता महिलाओं को अपने सपनों को पूरा करने और अपने सम्मान के लिए लड़ने के लिए प्रेरित करती है।

*यह रही स्वरचित कविता श्रीमती पायल लाठ द्वारा जिसका शीर्षक है*

*नारी,तुम्हें अब ख़ुद का सम्मान करना होगा*

नारी, तुम्हें अब खुद का सम्मान करना होगा
दूसरों के साथ अपने सपनों का भी ध्यान रखना होगा
अपने सामने आज एक आईना रखना होगा
अब खुद से अपने लिए सवाल करना होगा

उंगलियां उठाने को तैयार हैं वो भी जिनके किरदार से खुद महक नहीं आती
उन कंटों के बीच तुम्हें गुलाब सा महकना होगा
नारी, तुम्हें अब दूसरों के साथ खुद का सम्मान करना होगा

तुम अबला नहीं, तुम रानी लक्ष्मीबाई सा तेज रखना
तुम शीतल जल सी हो पर गंगा सा वेग रखना
तुम्हारे सपने तुम्हें ही पूरा करना होगा
यह बात याद रखो परिवार के साथ तुम्हें अपना भी ख्याल रखना होगा

संघर्ष से भरा जीवन है तुम्हारा
तुम्हें हर रोज यहां लड़ना होगा
नारी, अब तुम्हें दूसरों से पहले खुद का सम्मान करना होगा।

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