47 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर चैतुरगढ में बिसाहूदास महंत को श्रद्धांजलि


बसंत राघव

विगत 23 अप्रैल को प्रदेश के कोने -कोने से कोई 300 सामाजिक प्रतिनिधि महिषा- सुरमर्दिनी धाम चैतुरगढ में एकत्रित हुए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य एवं बांगों बांध के स्वप्नद्रष्टा स्मृतिशेष बिसाहूदास महंत को उनकी 47 वीं पुण्यतिथि की वर्षगांठ पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उनकी पुनीत स्मृति में परिसर में बेल , वट ,पीपल ,नीम पौधों का रोपण किया गया।

    सभा में मानिकपुरी पनिका समाज छत्तीसगढ़ के नव निर्वाचित पदाधिकारियों अध्यक्ष भरतदास मानिकपुरी, उपाध्यक्ष कृष्णादास  एवं वेदमती महंत ,महासचिव नान्हीदास दीवान , सचिव गोरेदास मानिकपुरी , सहसचिव पुरुषोत्तमदास एवं मनीषादास एवं कोषाध्यक्ष गोपाल पड़वार का आत्मीय स्वागत एवं अभिनन्दन किया गया। इस अवसर पर पनिका महासमिति नयी दिल्ली के महासचिव डा.फूलदास महंत ने मेनका गेट के निकट  चौंका रचना से चिन्हित पौरातात्विक महत्व की शिलाओ के समीप  कबीर गुरुद्वारा निर्मित करने का प्रस्ताव रखा और इस निमित्त अपनी ओर से 50 हजार रूपये प्रदान करने की घोषणा की ।ज्ञमानिकपुरी पनिका समाज के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.देवधर महंत ने पनिका समाज की पूर्ववत आदिवासी बहाली के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया और सामाजिक उत्थान के लिए आदर्श सामूहिक विवाह आयोजित करने, बेरोजगारी दूर करने हेतु कार्य योजना बनाने, राजनैतिक और प्रशासनिक हिस्सेदारी के लिए जागरूक रहने जैसे अनेक सुझाव दिए। सभा में नव निर्वाचित प्रदेश पदाधिकारियों सहित अनेक सामाजिक प्रतिनिधियों ने अपने -अपने रचनात्मक सुझाव रखे। अंत में भोजन प्रसाद वितरण किया गया।

 इस महत्वपूर्ण आयोजन को सफलबनाने हेतु गोरेदास मानिकपुरी पाली,संतोषदास बघधरा , घनश्याम दास पुलालीकला तथा लाफा सोसायटी अध्यक्ष पीला दास आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

कार्यक्रम का संचालन घनश्याम दास तथा आभार प्रदर्शन सुचित्रा मानिकपुरी ने किया। इस आयोजन में आमिन माताओं की उल्लेखनीय सहभागिता रही।

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