
नशा मुक्त भारत अभियान के तहत, आज करोगे नशा कल पाओगे सजा… का स्लोगन दिया गया आत्मानंद महाविद्यालय में रक्तदान एवं नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन जब हमें आवश्यकता होती है तब रक्तदान का महत्व समझता है, इसलिए रक्तदान करें – यूके श्रीवास्तव, प्राचार्य- आत्मानंद महाविद्यालय बिलासपुर राज किशोर नगर:- रक्तदान का कोई विकल्प नहीं है जब हम रक्तदान करते हैं तो हमें मौन आशीर्वाद प्राप्त होता है क्योंकि हमें यह नहीं पता होता कि हमारे द्वारा दिया गया रक्तदान किसका जीवन बचाता है इस प्रकार यह निःस्वार्थ सेवा भी हुई। जिसका बहुत पुण्य जमा होता है। यह बातें टिकरापारा सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को रक्तदान के लिए प्रेरित करते हुए कही। आपने सभी को युवा कल का महत्व बताते हुए नशा मुक्त जीवन जीने की प्रेरणा दी। महाविद्यालय के प्राचार्य यूके श्रीवास्तव ने कहा कि रक्तदान महा पुण्य है इसका महत्व हमें तब समझता है जब कभी हमें रक्त की आवश्यकता होती है। दीदी के व्याख्यान से रक्तदान से संबंधित सभी मिथ दूर हुए व सभी ने रक्तदान के लाभ को जाना। अपने स्वास्थ्य की जांच कर सभी छात्र-छात्राओं को इस अभियान में अवश्य शामिल होना चाहिए। रेड क्रॉस यूनिट व एनएसएस प्रमुख एन के गवेल सर ने इस प्रेरणादायी आयोजन के लिए प्राचार्य महोदय, मंजू दीदी और पूरी टीम का धन्यवाद किया। अंत में दीदी ने सभी से नशा मुक्ति का संकल्प कराया। पूरे कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर राजकुमार सचदेव ने किया। प्राचार्य ने मंजू दीदी को भारत की महान क्रांतिकारी महिलाएं साहित्य भेंट किया।