मोबाइल और मानसिक तनाव बन रहे हैं सड़क सुरक्षा में बाधा — बीके मनु दीदी

12 जनवरी 2026 सीपत। सड़क सुरक्षा माह के अवसर पर सीपत क्षेत्र के ग्राम गुड़ी के सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें अनुशासित, सजग और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारीज़ की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके मनु दीदी ने कहा कि आज के समय में सड़क दुर्घटनाएँ केवल तकनीकी या यातायात नियमों की कमी के कारण नहीं, बल्कि मानसिक असावधानी और जल्दबाज़ी के कारण अधिक हो रही हैं। उन्होंने कहा कि “जब तक मन शांत, एकाग्र और संयमित नहीं होगा, तब तक सुरक्षित वाहन संचालन संभव नहीं है।”
बीके मनु दीदी ने विद्यार्थियों को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि गुस्सा, तनाव, जल्दबाज़ी और मोबाइल जैसी आदतें सड़क पर सबसे बड़े खतरे हैं। उन्होंने बताया कि वाहन चलाते समय मन का वर्तमान क्षण में होना अत्यंत आवश्यक है। एक क्षण की लापरवाही जीवनभर का दुःख दे सकती है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व, ज़ेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग, ट्रैफिक सिग्नल का पालन, क्षमता से अधिक गति न करने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन से दूरी बनाए रखने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बच्चों को यह भी बताया गया कि वे स्वयं सुरक्षित रहकर अपने माता-पिता और समाज के लिए भी प्रेरणा बन सकते हैं।
ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास भी कराया गया, जिससे विद्यार्थियों ने मन की शांति और एकाग्रता का अनुभव किया। बीके मनु दीदी ने कहा कि राजयोग ध्यान से मन स्थिर होता है, निर्णय क्षमता बढ़ती है और व्यक्ति हर परिस्थिति में सही प्रतिक्रिया देना सीखता है, जो सड़क सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।
विद्यार्थियों ने सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों को अपनाने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए जागरूक करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने ब्रह्माकुमारीज़ संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के नैतिक और व्यवहारिक जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे सामाजिक विषयों पर सहयोग की अपेक्षा जताई।

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