
बिलासपुर। बिलासपुर में सेवानिवृत्त कोयला खदान मजदूर संघ और एसईसीएल प्रबंधन के बीच हुई लंबी बैठक के बाद रिटायर कर्मचारियों की समस्याओं पर सकारात्मक पहल हुई। पेंशन की संशोधित प्रति (पीपीओ) समय पर नहीं मिलने और अस्पतालों में दवाओं की कमी जैसे मुद्दों पर प्रबंधन ने शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया है।
बरसों तक खदानों में काम करने वाले सेवानिवृत्त कर्मियों को अपने हक के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। इस पर प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि संशोधित पीपीओ अब सीधे कर्मियों के स्थायी पते पर भेजी जाएंगी। बैठक में संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह और जोन अध्यक्ष रामअवतार अलगमकर ने कहा कि संशोधित पीपीओ खदानों और कार्यालयों में लंबित पड़ी हैं, लेकिन संबंधित कर्मचारियों तक नहीं पहुंच रही हैं। इस पर प्रबंधन ने जांच कर सभी दस्तावेज घर तक भेजने की सहमति दी।
मेडिकल बिलों के भुगतान की स्थिति की जानकारी एसएमएस के माध्यम से देने तथा अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। सीएमएस प्रतिनिधि डॉ. अरिहंत जैन ने बताया कि फंड की कोई कमी नहीं है और आवश्यक दवाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएंगी। संघ ने वेतन से काटी गई एसडीए राशि को पेंशन में जोड़कर पुनर्गणना की मांग भी रखी, जिस पर प्रबंधन ने धनबाद आयुक्त के पत्र का हवाला देते हुए स्थिति स्पष्ट की। वरिष्ठ प्रबंधक सुरेश साहू ने कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी, जबकि महाप्रबंधक रमेश सिंह ने शीघ्र ही सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए एक खुले सम्मेलन के आयोजन का आश्वासन दिया। इन आश्वासनों के बाद संघ ने 20 जनवरी को प्रस्तावित धरना स्थगित कर दिया है, हालांकि सीएमपीएफ कार्यालय, बिलासपुर के बाहर प्रतीकात्मक प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की है। बैठक में शंकर प्रसाद कुंडू, बी.एस. शाही और योगेश बाबू कसेर सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।