
“लोककला की अमर स्वर-साधिका का जाना, छत्तीसगढ़ की संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति” – अजीत मिश्रा
बिलासपुर, 9 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ की लोककला को विश्व पटल पर पहचान दिलाने वाली, पंडवानी की महान गायिका एवं पद्मविभूषण से सम्मानित श्रीमती तीजन बाई के निधन पर गुरुवार को राघवेन्द्र राव सभा भवन परिसर स्थित बिलासपुर प्रेस क्लब में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ पत्रकार निर्मल मणिक द्वारा तीजन बाई के तैलचित्र पर अगरबत्ती प्रज्वलित कर श्रद्धासुमन अर्पित करने से हुई। प्रेस क्लब के सह सचिव हरिकिशन गंगवानी ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तीजन बाई ने अपनी ओजस्वी वाणी और अनूठी गायन शैली से पंडवानी को देश-विदेश में लोकप्रिय बनाया। छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू को लंदन से लेकर अमेरिका तक पहुंचाने का श्रेय उन्हीं को जाता है। उनका जीवन संघर्ष और सफलता की मिसाल है जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता करते हुए बिलासपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजीत मिश्रा ने कहा, “तीजन बाई का जाना लोककला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने पंडवानी को एक नई पहचान दी। वे छत्तीसगढ़ की आत्मा थीं।” उन्होंने सभा का संचालन भी किया।
इस अवसर पर उपस्थित पत्रकारों, साहित्यकारों, कलाकारों एवं गणमान्य नागरिकों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत पुण्यात्मा की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट विजय दूसेजा ने सभी उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस श्रद्धांजलि सभा में प्रेस क्लब के पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य, शहर के वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार, कलाकार एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।