व्यवस्था में सुधार से आया बदलाव,अब 24 घंटे के भीतर ठीक कर लिया जाता है स्ट्रीट लाइट

*व्यवस्था में सुधार से आया बदलाव,अब 24 घंटे के भीतर ठीक कर लिया जाता है स्ट्रीट लाइट*

*बंद या खराब पड़े स्ट्रीट लाइट को देखने निकलती है एक टीम,दूसरे दिन अलग टीम करती हैं सुधार*

*निगम कमिश्नर अमित कुमार के निर्देश पर लाइटों की मेनटेनेंस के लिए किए जा रहे लगातार प्रयास*

**पिछले 8 दिनों में 173 कंप्लेन को 24 घंटे से भी कम समय में किया गया निराकरण*

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*कार्यों की मानिटरिंग के लिए प्रकाश विभाग में दो सब इंजीनियरों की लगाई गई है ड्यूटी*

बिलासपुर-खराब या बंद हो चुके शहर के स्ट्रीट लाइटों की त्वरित रिपेयरिंग और चालू करने के लिए नगर निगम द्वारा अभिनव पहल किया गया है,जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। खराबी आने पर अब शहर के स्ट्रीट लाइट 24 घंटे के भीतर सुधार लिए जाते है,जिससे अंधेरा नहीं होता और नागरिकों की शिकायतें भी कम हुई हैं। व्यवस्था में बदलाव करने से खराबी आने पर जल्दी सूचना मिल जाती हैं और तत्काल निराकरण कर लिया जाता है।
निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार ने निगम सीमांतर्गत लगे स्ट्रीट लाइट रात में हमेशा चालू रहें और अगर कहीं खराबी आए तो तत्काल उसे ठीक कर लें,इसके लिए स्ट्रीट लाइट के संधारण के लिए नई व्यवस्था बनाते हुए उसे क्रियान्वित किया है। जिसके सकारात्मक परिणाम मिलने लगे है,पिछले 8 दिनों के रिकार्ड को देखने से पता चलता हैं की शहर में 173 स्ट्रीट लाइट के बंद होने और खराब होने की सूचना मिली,जिस पर तत्काल रिस्पांस करते हुए टीम ने स्ट्रीट लाइट को सुधार कर फिर से चालू किया हैं। 10 जून से 18 जून तक 173 स्ट्रीट लाइटों में खराबी की जानकारी मिली थी,जिसे ठीक कर लिया गया। इस व्यवस्था से काफी हद तक शहर में रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था सुधरी हैं और नागरिकों तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा किए जाने वाली शिकायतों में कमी आई हैं।

*ऐसे काम करती है टीम*

नई व्यवस्था के तहत निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार ने निगम के प्रकाश विभाग में कार्यरत कर्मचारियों की सात अलग अलग टीम बनाने के निर्देश दिए, छः टीम अलग-अलग जोन क्षेत्र में सुधार के लिए और एक टीम को विशेष रुप से जांच करने के लिए। जांच वाली टीम विशेषकर रात में रोजाना शहर भ्रमण कर सभी स्ट्रीट लाइट को चेक करती हैं,जिन स्ट्रीट लाइटों में खराबी हैं या बंद हैं उनकी जानकारी निर्धारित प्रपत्र में भरकर अगले दिन सुबह 10 बजे तक प्रकाश विभाग में जमा करती हैं,इस टीम में चार कर्मचारी शामिल हैं। बंद या सेक्शन खराब की जानकारी मिलने के बाद तत्काल बाकी की छः टीम अपने अपने जोन क्षेत्रों में उन्हें ठीक करने निकल जाती हैं और शाम तक किए गए कार्य और वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट देती हैं। इस व्यवस्था के सही क्रियान्वयन और मानिटरिंग के लिए निगम कमिश्नर ने दो सब इंजीनियरों की अलग से प्रकाश विभाग में ड्यूटी भी लगाई हैं। जो दिन भर पूरे कार्यों की मानिटरिंग करते हैं,फिर सभी जोन क्षेत्रों में किए गए संधारण के कार्यों की रिपोर्ट प्रकाश विभाग के कार्यपालन अभियंता रोजाना शाम को निगम कमिश्नर को रिपोर्ट सौंपते हैं। निगम कमिश्नर ने सात टीम तैयार करते हुए एक टीम को स्ट्रीट लाइट को चेक करने का जिम्मा सौंपा,बाकि की छः टीम को को आठ अलग-अलग जोन क्षेत्र में बांटते हुए मिलें शिकायतों के निराकरण का जिम्मा सौंपा। इस व्यवस्था को लागू करने से जहां समय पर स्ट्रीट लाइट में आई खराबी को दूर कर लिया जा रहा हैं तो रोजाना कार्यों की प्रगति की जानकारी मिल रही हैं,इससे लाइटों के मेनटेनेंस और रखरखाव बेहतर तरीके से हो रहे हैं।

*आने वाले समय में हाईटेक बनाया जाएगा-कमिश्नर*

निगम कमिश्नर अमित कुमार ने कहा की शहर के स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत और रखरखाव समयबद्ध तरीके से हों और स्ट्रीट लाइट हमेशा चालू रहें इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं,आने वाले समय में व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए मेनटेनेंस सिस्टम को हाईटेक बनाया जाएगा

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