
देशभर में 1 जुलाई से नया कानून लागू हो गया है। अब IPC इंडियन पीनल कोड का नाम बदल कर भारतीय न्याय संहिता BNS कर दिया गया है। इसके तहत जहां कई अपराध के लिए नई धाराएं हो गई हैं। वहीं कुछ धाराओं के नियम भी बदल गए हैं। जैसे फोन या ई-मेल के जरिए थाने में केस दर्ज कराए जा सकेंगे। इस अवसर पर सोमवार को क्रियान्वयन उत्सव मनाया गया, कार्यक्रम में बिलासपुर बिल्हा, कोटा मस्तूरी के विधायक, आईजी, कलेक्टर, एसपी सहित प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे।


नए कानून के क्रिन्वायन होने पर पूरे देश भर में उत्सव मनाया गया. पुलिस के द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर नए अपराधी कानून 2023 का स्वागत किया गया. बिलासा गुड़ी के सभागार में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल रहे, वही कार्यक्रम में बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया, आईजी डॉ संजीव शुक्ला कलेक्टर अवनीश कुमार शरण, रजनेश सिंह,जिला विधिक सेवा प्राधिकारण के सचिव सहित पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी शामिल हुए.नए कानून यानी BNS में 511 की जगह अब 358 धाराएं रह गई हैं। इसी तरह CRPC कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर का नाम बदलकर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता कर दिया गया है। CRPC में 484 धाराएं थीं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में 531 धारा की गई हैं। भारतीय साक्ष्य अधिनियम में अधिक बदलाव नहीं हुआ है, इसमें 170 सेक्शन हैं।क़ानून मे बदलाव का उद्देश्य दंड की जगह न्याय दिलाना है।कई धाराओं के क्रम को परिवर्तित किया गया है जबकि कुछ धाराओं के नियमों में बदलाव हुआ है। तीनों कानून में बदलाव के बीच महिला संबंधी अपराधों को ऊपर कर दिया गया है। नए कानून की जानकारियां उपलब्ध कराने के लिए पुलिस अधिकारियों का प्रशिक्षण हो चुका है जिसमें सभी नियम बताए गए हैं।नए कानून में आम लोगों की सहूलियत के लिए कई नए प्रावधान किए गए हैं। इसके अनुसार अब FIR दर्ज करने की प्रक्रिया में सरलीकरण किया गया है। नए प्रावधान के तहत कोई भी व्यक्ति फोन या ई-मेल से थाने में केस दर्ज करा सकेंगे और पुलिस को उसमें एफआईआर करनी होगी।


