प्रकृति का सृजन पर्व हैं सावन का महिना – रेखा आहुजा

            
       ग्रामीण महिला शिंक्षा व स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के तहत आदिवासी ग्राम *कोरबा भँवर* में आयोजित सावनोत्सव में ग्रामीण नारी शक्ति को संबोधित होते हुए सामाजिक संस्था सेवा एक नई पहल की संयोजिका रेखाआहुजा जी ने कहा कि वर्षा ऋतु और विशेषतः सावन का महिना प्रकृति का सृजन पर्व हैं और जिस प्रकार एक प्रसूता माता के प्रसव काल में हम सावधानियाँ बरतते है वैसे ही प्रकृति के इस प्रजनन काल में भी एतिहायत बरते और अपनी तथा अपने आस पास स्वच्छता बनाये रखे अचानक आ निकले जीव जन्तुओं को अकारण हानि न पहुँचाए नदी नालों के पास नन्हें बच्चों को न जानें दे ~
होनहार बच्चों को सेवा एक नई पहल संस्था द्वारा मेडल पहनाए गए.
                इस अवसर पर आमंत्रित अतिथियों रूपल चंदवानी , सुमि चंद्राकर , रजनी मालघनी , बलबीर व साबिर ने संस्था के सक्रिय सदस्यों इंदर ग़ुरबानी , सोनू पाहूजा , राम हिंदुजा , पूनम चावला , बँटी पंजवानी , विक्की ग़ुरबानी , सन्नी व काजल ठारवानी , मोहन जसवानी और विशेष रुप से धन गुरू नानक दरबार द्वारा प्रदत्त शैक्षणिक सामग्री के अलावा आँगन बाड़ी के बच्चों को खिलौने , केक बिस्कुट , कृषक बंधुओं को बारिश से बचाव हेतु प्लास्टिक के मन कपड़ , महिलाओं कों साडिया , युवा बालिकाओं को सेनेटरी पैड , उपस्थित ग्रामीण जनों कों चरण पादुकाएँ  व राखिया भेंट दी गई ~ इस वृहद कार्यक्रम को कुशलता पूर्वक संयोजित करने के लिए संस्था  के संयोजक सतराम जेठमलानी ने संयोजिका रेखा आहुजा  , शिक्षक गण नारायण नायक , पोरते सर शाला स्टाफ़ तथा धन गुरु नानक दरबार के मुख्य सेवा दार बबलू भैया के प्रति आभार व्यक्त किया ।

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