
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम लेदरी (मनेंद्रगढ़) की रहने वाली एक बच्ची रानी सिंह (पिता: भोले सिंह) और एक अन्य बालक रोहित पिछले कई महीनों से रहस्यमय परिस्थितियों में घर से लापता हो गए थे। परिजन उनकी तलाश में भटक रहे थे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। भटकते हुए ये बच्चे तमिलनाडु के एक आश्रम में पहुँच गए थे। बच्ची रानी सिंह ने सूझबूझ दिखाते हुए बताया था कि उसका गाँव बिलासपुर-बिजुरी-मनेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन से कुछ ही दूरी पर स्थित लेदरी गाँव है।
’टीम मानवता’ ने संभाला मोर्चा
इन बच्चों के संबंध में एक सूचना सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिस पर बिहार के निवासी श्री रवि रंजन जी की नजर पड़ी। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी ‘टीम मानवता’ को दी। सूचना मिलते ही ‘टीम मानवता’ के सक्रिय सदस्य श्री विशाल ओम पवार ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया और तत्काल संज्ञान लिया।
श्री पवार ने बच्चों द्वारा बताए गए पते के आधार पर मनेंद्रगढ़ के पास लेदरी गाँव में खोजबीन शुरू की। कड़े प्रयासों के बाद टीम बच्चों के माता-पिता तक पहुँचने में सफल रही और उन्हें बच्चों के सुरक्षित होने की जानकारी दी।
बच्चों के माता-पिता का पता चलते ही वैधानिक प्रक्रियाओं को पूरा किया गया। आज दोनों बच्चों को तमिलनाडु के आश्रम से उनके गृह निवास मनेंद्रगढ़ के लिए सकुशल रवाना कर दिया गया है।
’टीम मानवता’ के सदस्यों ने इस सफल रेस्क्यू पर खुशी जताते हुए कहा:
”यह सफलता सोशल मीडिया की सही ताकत और सजग नागरिकता का उत्तम उदाहरण है। रवि रंजन , अभिषेक शर्मा और अभिषेक ठाकुर की सतर्कता और टीम के जमीनी प्रयास से आज दो परिवार उजड़ने से बच गए।
इस मानवीय और सराहनीय कार्य के लिए स्थानीय प्रशासन, बच्चों के परिजनों और क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों पूरी ‘टीम मानवता’ का सहृदय आभार व्यक्त किया है।