
बिलासपुर। अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद एवं प्रयास प्रकाशन बिलासपुर का वार्षिक अधिवेशन एवं विकलांग विमर्श: “अस्मिता का संघर्ष ” विषयक दो दिनी राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन न्यायमूर्ति चंद्रभूषण वाजपेई-पूर्व न्यायाधीश, उच्च न्यायालय के मुख्य आतिथ्य,डॉ.विनय कुमार पाठक -राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद की अध्यक्षता एवं विरेन्द्र पाण्डेय, श्रीमती विद्या केडिया,डॉ. सुरेश माहेश्वरी, गोविन्दराम मिरी, सत्येन्द्र अग्रवाल, प्रांतीय अध्यक्ष के विशेष आतिथ्य में सोल्लास संपन्न हुआ।इस अवसर पर मूक बधिर पर केंद्रित उपन्यास
‘भावना ‘ का विमोचन भी हुआ।
मुख्य आतिथ्य के सारगर्भित संबोधन में न्यायमूर्ति वाजपेई ने कहा कि दो दशकों से अधिक काल तक विकलांगों केb समग्र विकास और पुनर्वास पर जो कार्य परिषद ने किया है,उससे शासन और समाज सजग -सचेत हुआ है।इसी तरह इस परिषद द्वारा “विकलांग विमर्श” की शुरुआत इसके पुरोधा डॉ.विनय कुमार पाठक देश-विदेश में प्रतिष्ठित हुए हैं।
अध्यक्षता की आसंदी से उद्बोधित उद्गार के उपक्रम में डॉ. विनय कुमार पाठक ने कहा कि यह परिषद जहाॅं नि: स्वार्थ सेवा -भावना के कारण पृथक पहचान प्रदर्शित करता है,वहीं चेतना जागृत करने की दिशा में “विकलांग विमर्श”की शुरुआत करके विश्व विख्यात हुआ है।
मार्गदर्शक विरेन्द्र पाण्डेय ने अपने सारगर्भित संबोधन में कहा कि अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद से अच्छी नि: स्वार्थ और पारदर्शी संस्था कोई नहीं है। उन्होंने इस परिषद के लिए शासन और समाज के सहयोग को अपरिहार्य बताया।
स्वागत भाषण श्रीमती विद्या केडिया ने दिया। इसके पश्चात डी. पी. गुप्ता -राष्ट्रीय संगठन मंत्री के राष्ट्रीय प्रतिवेदन, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष -राजेंद्र अग्रवाल राजू के कोष लेखा- जोखा प्रतिवेदन तथा प्रांतीय प्रगति प्रतिवेदन सत्येंद्र अग्रवाल रायपुर, गोविंदराम मिरी-संरक्षक द्वारा रखे गये आर्थिक प्रस्ताव का ध्वनिमत से अनुमोदन किया गया।इस अवसर पर विरेन्द्र पाण्डेय,श्रीमती अनुराधा दुबे, सत्येंद्र अग्रवाल, शक्ति शाखा के रामावतारv अग्रवाल, कन्हैया गोयल,ओ. पी.अग्रवाल को सेवा -सम्मान से अलंकृत किया गया। लक्ष्मी जायसवाल,रामगोपाल अग्रवाल व कन्हैया गोयल -सक्ती शाखा की गतिविधियों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की शुरुआत में भारत माता के चित्र पर पूजन-अर्चन व दीप-प्रज्वलन किया गया। सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत की प्रस्तुति रामनिहोरा राजपूत ने किया। अतिथियों के स्वागत के पश्चात केशव प्रसाद शुक्ल द्वारा लिखित विकलांग केंद्रित उपन्यास “भावना” का विमोचन व सम्मान किया गया। भोजनावकाश पश्चात डॉ.सुरेश माहेश्वरी (महाराष्ट्र),डॉ. आरती पाठक(दिल्ली),डॉ. विनोद कुमार वर्मा, विरेन्द्र पाण्डेय के समवेत अध्यक्ष मंडल में तुलसी देवी तिवारी, डॉ. संगीता बनाफर,डॉ. विवेक तिवारी,डॉ. आभा गुप्ता, रमेश श्रीवास्तव, विष्णु कुमार तिवारी, राममनोहर राजपूत आदि ने शोध पत्र का वाचन किया।
प्रथम सत्र का संचालन राजेन्द्र अग्रवाल राजू द्वारा एवं द्वितीय सत्र का संचालन डॉ.ए. के. यदु द्वारा किया गया। आभार प्रदर्शन क्रमश: नित्यानंद अग्रवाल एवं मदनमोहन अग्रवाल द्वारा किया गया।
इस अवसर पर शताधिक श्रोताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।