बिलासपुर। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स CAIT बिलासपुर इकाई के जिला अध्यक्ष हीरानंद जयसिंह के नेतृत्व और लगातार प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है। छत्तीसगढ़ सरकार ने व्यापारियों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए 43 तरह के व्यवसायों के लिए स्थानीय निकायों से ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त कर दी है।
कैट बिलासपुर ने 12/01/26 को जिला अध्यक्ष हीरानंद जयसिंह और कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल के हस्ताक्षर से माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी को ज्ञापन सौंपकर मांग की थी कि जो व्यापारी पहले से FSSAI, GST या गुमास्ता लाइसेंस ले चुके हैं, उनसे अलग से ट्रेड लाइसेंस न लिया जाए। कैट का कहना था कि ये डबल प्रक्रिया छोटे दुकानदारों और ठेला वालों पर आर्थिक और मानसिक बोझ बन रही है।
सरकार ने कैट बिलासपुर के इस सुझाव को गंभीरता से लेते हुए फैसला लिया।
इन 43 व्यवसायों को मिलेगी राहत:
किराना दुकान, फल-सब्जी विक्रेता, डेयरी, बेकरी, मिठाई दुकान, रेस्टोरेंट, होटल, लॉज, कपड़ा दुकान, हार्डवेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ई-कॉमर्स, कोचिंग संस्थान, जिम, ब्यूटी पार्लर, मेडिकल स्टोर, पैथोलॉजी लैब आदि।
अब इन व्यवसायों को न नया ट्रेड लाइसेंस बनवाना होगा और नवीनीकरण।
कैट पदाधिकारियों ने जताया आभार
कैट राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र गांधी, राष्ट्रीय सचिव राजू सलूजा, जिला अध्यक्ष हीरानंद जयसिंह, कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल, महामंत्री अनिल राघवानी, परमजीत उबेजा एवं समस्त पदाधिकारियों ने इस व्यापारी-हितैषी निर्णय के लिए माननीय मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री का हृदय से धन्यवाद किया।
जिला अध्यक्ष हीरानंद जयसिंह जी ने कहा “इस निर्णय से बिलासपुर सहित पूरे प्रदेश के व्यापारियों का समय और पैसा बचेगा। इससे जमीन पर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। हम सरकार के आभारी हैं।”