
महाराणा प्रताप महाविद्यालय उस्लापुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस धूमधाम से मनाया गया ।इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. सचिन यादव ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि योग हमारी प्राचीन परंपरा है ।महर्षि पतंजलि का योग सूत्र है “चित्तवृत्तिनिरोध:” जिसका तात्पर्य है चित्तवृत्तियों का निरोध ही योग है अर्थात योग द्वारा हम अपने चंचल मन को एकाग्र करते हैं। योग हमारे मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य का भी प्रमुख आधार है। जिससे हमें आत्मबल मिलता है , स्वावलंबन की क्षमता बढ़ती है ।इसलिए हम सबको प्रतिदिन योग करना चाहिए ।इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. अनिता सिंह योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गीता में श्री कृष्ण ने कहा है कि “योग:कर्मसुकौशलम्” अर्थात कार्य की कुशलता ही योग है। जो भी कार्य हम करते हैं यदि उसे कुशलता पूर्वक करते हैं तो वहाँ योग घटित हो जाता है। इस अवसर पर सभी शिक्षकों ने योग किया तथा
छात्र-छात्राओं ने ओंकार ध्वनि उच्चारण किया तथा सूर्य नमस्कार कर योग्य महिमा के विषय में जाना और सीखा ।
