साहस और धैर्य से हर मुश्किल आसान – बीके स्वाति दीदी

25 सितम्बर 2025, बिलासपुर। विद्यार्थी जीवन केवल पढ़ाई का समय नहीं, बल्कि स्वयं को पहचानने और अपनी आंतरिक शक्तियों को विकसित करने का अवसर है। नौ देवियों की नौ शक्तियाँ हमें बताती हैं कि सच्ची शक्ति बाहरी साधनों में नहीं, बल्कि हमारे भीतर निहित है। जब विद्यार्थी इन शक्तियों को अपने आचरण में उतारेंगे, तो वे हर कठिनाई को अवसर में बदल सकते हैं।
उक्त प्रेरणादायी विचार गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर में विद्यार्थियों के समग्र विकास के उद्देश्य से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष मोटिवेशनल सत्र में ब्रह्माकुमारीज बिलासपुर के मुख्य सेवाकेंद्र टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित राजयोग भवन की संचालिका बीके स्वाति दीदी ने कही। नवरात्रि के पावन अवसर पर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, मूल्यपरक शिक्षा और आत्म-सशक्तिकरण के लिए प्रेरित किया गया। नवरात्रि को केवल धार्मिक पर्व के रूप में नहीं, बल्कि आत्म-शक्ति जागरण का प्रतीक बताते हुए बीके स्वाति दीदी ने कहा कि जैसे देवी दुर्गा के नौ रूप अलग-अलग शक्तियों और गुणों का प्रतिनिधित्व करते हैं, वैसे ही हर इंसान में ये शक्तियाँ जन्मजात रूप से विद्यमान हैं। जरूरत है उन्हें पहचानने, जागृत करने और व्यवहार में लाने की। दीदी ने विद्यार्थियों को नौ शक्तियों—जैसे अनुशासन, साहस, धैर्य, करुणा, ज्ञान, निर्भयता, सेवा, संतोष और पूर्णता—का जीवन में महत्व समझाते हुए हर शक्ति को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से जोड़ा। उन्होंने बताया कि इन गुणों को अपनाकर विद्यार्थी न केवल अपनी पढ़ाई में बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। कक्षा के दौरान राजयोग, मेडिटेशन और वैल्यू बेस्ड एजुकेशन के महत्व पर विशेष रूप से चर्चा हुई। बीके स्वाति दीदी ने विद्यार्थियों को छोटे-छोटे अभ्यास कराते हुए समझाया कि कैसे मन को शांत और केंद्रित किया जा सकता है। इस अभ्यास ने विद्यार्थियों को तुरंत स्फूर्ति और आत्मबल का अनुभव कराया।
कार्यक्रम में जैव प्रौद्योगिकी विभाग की डॉ. रेनू भट्ट मैडम, हॉस्टल की चीफ वार्डन प्रो प्रतिभा मिश्रा मैडम सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।
डॉ. रेनू भट्ट मैडम ने कहा – आज के दौर में विद्यार्थियों को केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि मूल्यपरक शिक्षा और मानसिक दृढ़ता भी जरूरी है। इस तरह के आयोजन विश्वविद्यालय के समग्र शैक्षिक वातावरण को नई दिशा देते हैं।
हॉस्टल की चीफ वार्डन प्रो प्रतिभा मिश्रा जी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा – विद्यार्थियों के लिए यह सत्र अत्यंत लाभकारी रहा। इससे उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ जीवन जीने की कला भी सीखने को मिली। हम आगे भी ऐसे कार्यक्रम करवाने के लिए उत्साहित हैं।

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