
मां की भक्ति सभी को करनी चाहिए और उनके द्वारा दिए उनके दिव्य स्वरूप और हर अलंकार हमें आध्यात्मिक शिक्षा देती है जिससे हम सर्व शक्तियों व गुणों से भरपूर हो सकते है उक्त कथन कहते हुए ब्रह्माकुमारी बहन गायत्री बहन ने बताया कि नवरात्र में मां दुर्गा के एक एक अलंकार समझने योग्य है उनके रत्न जड़ित ताज ज्ञान धन से भरपूर होने की निशानी है चेहरा संतुष्टता से भरपूरता, तलवार ज्ञान चिंतन द्वारा तीक्ष्ण बुद्धि, सुदर्शन चक्र स्व पहचान का प्रतीक, धनुष बाण ज्ञान का तीर लगने की निशानी, गदा आसुरी वृद्धि के संहार की निशान, कमल न्यारापन अर्थात संसार में रहते अलिप्त स्थिति, आशीर्वाद सदा देने की भावना, शेर पर सवारी निर्भरता की, लाइट का ताज पवित्रता, त्रिशूल सतगुणों से दुर्गुणों के संहार, शंख मधुर बोल और माला परमपिता परमात्मा की स्मृति की निशानी बताती है।
दर्शनार्थियों की अपार संख्या के बीच आर्ट ऑफ़ लिविंग के माननीय सदस्य किरण चावला जी ने माता की आरती की और सहस्त्र ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए एवं प्रजापिता ब्रह्माकुमारी की बहनों को अपनी शुभकामना व्यक्ति करते हुए कहा आपकी भक्ति एवं लोगों में देवी गुणों को जागने का प्रयत्न सराहनीय है।