
> “जब हम किसी मौन प्राणी की प्यास बुझाते हैं, तब हम केवल पानी नहीं, इंसानियत बांटते हैं।”
— यही साकार कर दिखाया है बिलासपुर के समाजसेवी चंचल सलूजा ने।
🌞 गर्मी के मौसम में एक संवेदनशील पहल
🐦 चिड़ियों के लिए नहीं बस पानी — यह संवेदना है
चंचल सलूजा मानते हैं कि “हमारा जीवन तब ही सार्थक है जब हम उन जीवों की चिंता करें जो खुद के लिए कुछ कह या कर नहीं सकते।”अपने घरों के बाहर एवं छत पर कसोरा भरकर रखें गर्मी के मौसम पर उन प्राणियों की प्यास बुझाई जा सके