
बिलासपुर, छत्तीसगढ़ – ब्रह्माकुमारीज़ के सुरक्षा सेवा प्रभाग के राष्ट्रव्यापी अभियान “स्व-सशक्तिकरण से राष्ट्र-सशक्तिकरण” के तहत रेलवे जीएम बिल्डिंग में भंडार विभाग के अधिकारियों के लिए “मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण” पर विशेष राउंड टेबल सत्र आयोजित हुआ।
सत्र में क्या हुआ:
- मन और शरीर दोनों जरूरी: बीके कमल भाई ने कहा कि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक रूप से सशक्त और संतुलित रहना भी उतना ही जरूरी है। मजबूत मन ही तनाव पर विजय पाकर सही निर्णय लेने की शक्ति देता है।
- 70-80% बीमारियाँ मनोदैहिक: वर्तमान में अधिकांश बीमारियों की जड़ मानसिक तनाव, चिंता और नकारात्मक सोच है। चिड़चिड़ापन, अनिद्रा, अत्यधिक क्रोध जैसे संकेतों पर चर्चा हुई।
- ओवरथिंकिंग से बचें: बीके शैलेन्द्र ने ‘राम और श्याम’ की कहानी से बताया कि ज्यादा सोचना मानसिक ऊर्जा और कार्यक्षमता दोनों खत्म करता है।
- सकारात्मक संकल्प का प्रभाव: “मैं शांत हूँ, शक्तिशाली हूँ, सफल हूँ” जैसे संकल्प शरीर की हर कोशिका पर सकारात्मक असर डालते हैं।
- प्रैक्टिकल टूल्स: प्रतिभागियों को राजयोग मेडिटेशन और हर घंटे 1 मिनट ‘पॉज़’ तकनीक का अभ्यास कराया गया। यह मन को शांत, एकाग्र और निर्णय क्षमता को बढ़ाता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी को ब्रह्माकुमारीज़ के 7 दिन के निःशुल्क राजयोग मेडिटेशन कोर्स से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
उपस्थिति: प्रधान मुख्य सामग्री प्रबंधक ए के मेश्राम, सीनियर डीएम ओमप्रकाश सिंह, सीएमएम ए के सोनी, सौरभ चंद्र, पार्थ जी, मंजू दीदी, संजीव भाई, संदीप भाई सहित भंडार विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।