
बिलासपुर। स्व. पंडित द्वारिका प्रसाद तिवारी ‘विप्र’ जी की 119वीं जयंती के अवसर पर रविवार 6 जुलाई को सायं साढ़े चार बजे साईं आनंदम परिसर, उसलापुर में ‘काव्यांजलि’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। साहित्य वृंद बिलासपुर और भारतेंदु साहित्य समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में नगर के वरिष्ठ साहित्यकारों ने विप्र जी को काव्य के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ साहित्यकार हरबंस शुक्ल ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में ओमप्रकाश भट्ट उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार सनत तिवारी ने की।
इस अवसर पर अमृत लाल पाठक ने विप्र जी के संस्मरण साझा करते हुए उनके साहित्यिक अवदान पर प्रकाश डाला। कवि विजय कल्याणी तिवारी ने अपने निजी एवं पारिवारिक अनुभव साझा करते हुए कहा कि “विप्र जी केवल कविता ही नहीं गढ़ते थे, वे कविता के साथ साहित्यकार भी गढ़ते थे।”
कार्यक्रम में मनीषा भट्ट, पूर्णिमा तिवारी, बुधराम यादव, आर.के. द्विवेदी, राकेश अयोध्या, मयंक दुबे, आर.एन. राजपूत, मनी शंकर दुबे, शंकर साहू सहित नगर के कई गणमान्य साहित्यकार एवं बड़ी संख्या में परिवारजन उपस्थित रहे। सभी साहित्यकारों ने स्व. विप्र जी को अपने काव्य पाठ से स्मरण किया।
कार्यक्रम के अंत में मयंक दुबे ने आभार प्रदर्शन किया!