
शिव अनुराग भवन में दिया गया आज के दौर में रक्षाबंधन का संदेश

बिलासपुर। आज के दौर में रक्षाबंधन का पर्व केवल भाई-बहन के पारंपरिक रिश्ते का त्योहार नहीं, बल्कि समाज में पवित्रता, सम्मान, मर्यादा और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का संदेश देता है। ब्रह्माकुमारीज़ के शिव अनुराग भवन में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने कहा कि वर्तमान समय में रिश्तों में बढ़ती दूरियां, अविश्वास और नैतिक मूल्यों के क्षरण के बीच रक्षाबंधन का महत्व पहले से अधिक बढ़ गया है।

मंजू दीदी ने कहा कि आत्मिक दृष्टि से हम सभी एक परमपिता परमात्मा की संतान और आपस में भाई-बहन हैं। जब व्यक्ति दूसरों के प्रति पवित्र और सम्मानजनक दृष्टि रखता है तो उसके विचार, व्यवहार और संबंधों में भी सकारात्मक परिवर्तन आता है। रक्षा सूत्र केवल बाहरी धागा नहीं, बल्कि स्वयं को बुराइयों, कमजोरियों और नकारात्मक आदतों से बचाकर श्रेष्ठ जीवन जीने का संकल्प है।

उन्होंने कहा कि राखी के साथ मुख मीठा कराने का संदेश जीवन में मधुरता लाना है। आज आवश्यकता है कि हम कम बोलें, धीरे बोलें और मीठा बोलें, ताकि परिवार और समाज में प्रेम व सौहार्द बढ़े। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन हमें रिश्तों को निभाने के साथ-साथ उन्हें पवित्रता और संस्कारों की मजबूती देने की प्रेरणा देता है।
समारोह में श्रीसूर्या पुष्पा फाउंडेशन के फाउडर डायरेक्टर गौरव शुक्ला, एडप्रयास के डायरेक्टर विनोद पाण्डेय, हैंड्स ग्रुप के संस्थापक एवं संरक्षक अभिषेक विधानी, सीए संदीप अग्रवाल तथा विभिन्न स्कूलों के शिक्षक- शिक्षिकायें* एवं अन्य उपस्थित रहे। सभी ने रक्षा सूत्र के माध्यम से जीवन में पवित्रता, मधुरता, अच्छे संस्कार और श्रेष्ठ मानवीय मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।
समापन में दीदी ने सभी से नशामुक्ति प्रतिज्ञा कराई।