कोल इंडिया की तिजोरी भरी, रिटायर्ड मजदूरों की जेब खाली!

डेढ़ लाख पेंशनरों को 300-600 रु. का चूना, ग्रेच्युटी में अधिकारियों को 20 लाख, मजदूरों को 10 लाख – सेवानिवृत्त संघ ने लगाए गंभीर आरोप

बिलासपुर, 15 सितंबर 2026। देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड और उसकी सहयोगी एसईसीएल का मुनाफा साल-दर-साल बढ़ रहा है, लेकिन जिन मजदूरों ने अपनी पूरी जिंदगी कोयले की खानों को आबाद करने में खपा दी, आज उन्हीं के हकों में कटौती की जा रही है।

सेवानिवृत्त कोयला खदान मजदूर संघ ने आज बिलासपुर प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता कर प्रबंधन पर भेदभाव और उपेक्षा का बड़ा आरोप लगाया। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ जो हो रहा है, वो अन्याय नहीं तो और क्या है।

पेंशन में खेल – SDA को बाहर कर दिया
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि 1 अक्टूबर 2017 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की पेंशन की गणना में वेतन के अहम हिस्से SDA (Special Dearness Allowance) को शामिल ही नहीं किया जा रहा। इस एक गलती से कोल इंडिया के लगभग डेढ़ लाख रिटायर्ड मजदूरों को हर महीने 300 से 600 रुपए कम पेंशन मिल रही है। सालों से सुधार की मांग हो रही है, पर प्रबंधन सुन नहीं रहा।

ग्रेच्युटी में दोहरा मापदंड क्यों?
संघ ने ग्रेच्युटी को लेकर भी सवाल उठाया। सिंह ने कहा कि ग्रेच्युटी कानून सबके लिए एक है, फिर भेदभाव क्यों? वर्ष 2017 के बाद अधिकारियों को 20 लाख रुपए तक ग्रेच्युटी दी गई, जबकि उसी अवधि में रिटायर हुए मजदूरों को 10 लाख की सीमा में ही अटका दिया गया। संघ ने मांग की है कि बढ़ी हुई ग्रेच्युटी का लाभ मजदूरों को भी उसी तारीख से दिया जाए और पूरा बकाया एरियर भी दिया जाए।

क्वार्टर खाली पड़े हैं, फिर भी नहीं देते
इतना ही नहीं, रिटायर्ड कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा और आवास में भी भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है। एसईसीएल के सैकड़ों क्वार्टर खाली पड़े-पड़े जर्जर हो रहे हैं, लेकिन जरूरतमंद रिटायर्ड कर्मचारियों को नहीं दिए जा रहे, जबकि बाहर के लोगों को आवंटित करने की शिकायतें आ रही हैं।

पांचों सेंट्रल यूनियनों की चुप्पी पर भी सवाल
महेंद्र प्रताप सिंह ने BMS, INTUC, AITUC, CITU और HMS जैसी पांचों केंद्रीय ट्रेड यूनियनों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा – “नौकरी में रहते तक तो यूनियनें साथ रहती हैं, पर रिटायरमेंट के बाद वही मजदूर अकेला पड़ जाता है। प्रबंधन से ज्यादा दुख यूनियनों की चुप्पी से होता है।”

देशभर के रिटायर्ड कोयला कर्मियों को एकजुट करने के लिए ही इस संघ का गठन किया गया है।

19 सितंबर को एसईसीएल स्तर का बड़ा सम्मेलन
अपनी मांगों को लेकर संघ ने 19 सितंबर, शुक्रवार को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक, प्रियदर्शिनी भवन, इंदिरा विहार, एसईसीएल कॉलोनी बिलासपुर में एसईसीएल स्तरीय सम्मेलन बुलाया है। इसमें राष्ट्रीय पदाधिकारी आगे की रणनीति तय करेंगे।

पत्रकार वार्ता में जोनल अध्यक्ष राम अवतार अलगमकर, मंत्री एस.पी. कुंडू, कार्यसमिति सदस्य भक्तिमय चौधरी, एसईसीएल जोनल महामंत्री बुद्धि सागर साही, कोषाध्यक्ष योगेश केसर, बृजेश पासवान और चंचल मित्रा उपस्थित थे।

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