
24 सितम्बर 2026, बिलासपुर। पुलिस महानिरीक्षक माननीय भ्राता रामगोपाल गर्ग जी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक माननीय भ्राता रजनेश सिंह जी के कुशल मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से आयोजित बिलासपुर रेंज के पुलिस अधिकारियों के लिए विशेष “रेंज स्तरीय तीन दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स प्रशिक्षण कार्यशाला” का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान पुलिस अधिकारियों को ड्यूटी के बढ़ते दबाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए “तनाव प्रबंधन एवं मानसिक स्वास्थ्य” विषय पर एक विशेष डेढ़ घंटे की अत्यंत प्रभावशाली कार्यशाला आयोजित की गई।
इस सत्र का संचालन प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय बिलासपुर की मुख्य शाखा, टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित राजयोग भवन की संचालिका बीके स्वाति दीदी द्वारा किया गया। कार्यशाला के आयोजन एवं समन्वय में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक माननीया बहन मधुलिका सिंह जी का भी विशेष सहयोग रहा। कार्यशाला में बिलासपुर संभाग के विभिन्न जिलों से आए लगभग 150 पुलिस प्रशिक्षणार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
बीके स्वाति दीदी ने कहा कि पुलिस सेवा एक जिम्मेदारी भरा कार्य है, जिसमें व्यक्ति को लगातार तनावपूर्ण परिस्थितियों, चुनौतियों और लोगों की विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में तनाव को समझकर उसे सही दिशा में नियंत्रित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां हमारे नियंत्रण में हमेशा नहीं होतीं, लेकिन परिस्थितियों के प्रति हमारी प्रतिक्रिया हमारे नियंत्रण में हो सकती है।
पुलिस अधिकारियों को तनाव से मुक्ति का मार्ग बताते हुए बीके स्वाति दीदी ने चार सरल सूत्र बताए। पहला सूत्र है ‘रिलीज माइंड’—मन में जमा नकारात्मक भावनाओं, तनाव, क्रोध और चिंता को भीतर दबाकर न रखें, बल्कि सकारात्मक तरीके से उन्हें बाहर निकालें। दूसरा है ‘एक्सचेंज गुड विशेस’—हर व्यक्ति के प्रति शुभभावना और शुभकामना रखें। सहकर्मियों, वरिष्ठ अधिकारियों और आम नागरिकों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने से मन हल्का और संबंध मधुर बनते हैं। तीसरा सूत्र है ‘सेल्फ एस्टीम’—अपने आत्मसम्मान में स्थित रहें। अपने कर्तव्य, क्षमता और भूमिका का सम्मान करें तथा दूसरों की प्रतिक्रिया से अपने मन की शांति को प्रभावित न होने दें। चौथा सूत्र है ‘थैंकफुल फॉर एवरीथिंग’—जीवन में प्राप्त सहयोग, अवसर, परिवार, सहकर्मियों और परिस्थितियों के प्रति धन्यवाद का भाव रखें।
कार्यशाला को केवल व्याख्यान तक सीमित न रखते हुए बीके स्वाति दीदी ने विभिन्न रोचक एवं व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से तनाव को पहचानने और नियंत्रित करने के तरीके बताए। प्रतिभागियों को यह अनुभव कराया गया कि सकारात्मक सोच, विचारों पर नियंत्रण, स्वयं के प्रति सजगता तथा कुछ क्षणों का मानसिक विराम व्यक्ति को तनावपूर्ण स्थिति में भी संतुलित बनाए रख सकता है।
उन्होंने कहा कि मन हमारा सबसे शक्तिशाली उपकरण है। यदि मन शांत है तो कठिन परिस्थिति में भी सही निर्णय लिया जा सकता है और यदि मन अशांत है तो छोटी परिस्थिति भी बड़ी चुनौती लगने लगती है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को प्रतिदिन कुछ समय स्वयं के लिए निकालने, सकारात्मक चिंतन करने तथा दिनभर की घटनाओं को शांत मन से देखने की प्रेरणा दी।
बीके स्वाति दीदी ने कहा कि सम्पूर्ण रूप से स्वस्थ व्यक्ति वह है जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने विचारों और भावनाओं को संतुलित रखते हुए विवेकपूर्ण निर्णय ले सके तथा स्वयं और दूसरों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखे।
कार्यशाला में बिलासपुर सहित रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही एवं सक्ती आदि जिलों से आए लगभग 150 पुलिस अधिकारी एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। प्रशिक्षणार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए तनाव प्रबंधन के व्यावहारिक सूत्रों को समझा।
कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों ने कहा कि तनाव प्रबंधन जैसे विषय को गतिविधियों और सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाने से उन्हें अपने दैनिक जीवन एवं पुलिस सेवा में इसका व्यावहारिक उपयोग करने की प्रेरणा मिली।