भारतीय ज्ञान परंपरा में वृद्ध-विमर्श आधुनिकता की मांग-डाॅ.पाठक

बिलासपुर/पर्यावरण एवं पर्यटन विकास समिति द्वारा अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध दिवस के अवसर पर सार्थक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया । यह आयोजन डाॅ. विनय कुमार पाठक पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति थावे विद्यापीठ गोपाल गंज बिहार के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ ।
इस अवसर पर डाॅ. विनय कुमार पाठक ने अपने उदबोधन में वृद्ध विमर्श पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज भारतीय ज्ञान परंपरा में वृद्ध विमर्श आधुनिकता की मांग है । इस पर आज चिंतन की आवश्यकता है और वृद्ध जनों की समस्याओं के समाधान के लिए सार्थक प्रयास किए जाने की आवश्यकता है ।
इस अवसर पर वरिष्ठ कवि सनत तिवारी ने छत्तीसगढ़ी कविता की बेहतरीन प्रस्तुति की। डाॅ.शत्रुघन जेसवानी ने वृद्धजन पर केन्द्रित कहानी का पाठ किया। वहीं डाॅ.राघवेन्द्र कुमार दुबे ने वृद्धजन पर केन्द्रित लघुकथा सुनाई तथा डाॅ.अंकुर शुक्ला ने काव्य पाठ किया ।
कार्यक्रम का संचालन डाॅ. विवेक तिवारी ने किया एवं आभार प्रदर्शन शीतल प्रसाद पाटनवार ने किया। इस अवसर पर परिषद् के पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित थे ।

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