
बिलासपुर। त्योहारों का सीजन स्टार्ट हो रहा है और त्योहारों के इस पावन अवसर पर देश के सबसे बड़े संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र गांधी , राष्ट्रीय सचिव राजू सलूजा, प्रदेश उपाध्यक्ष दिलीप खेंडेलवाल, सुरेंद्र अजमानी, कैट बिलासपुर जिलाध्यक् एवं नेहरू युवा केंद्र , युवा कार्यक्रम खेल मंत्रालय भारत सरकार के सदस्य हीरानंद जयसिंह, कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल, संगठन महामंत्री परमजीत उबेजा, प्रमोद वर्मा , हरदीप होरा, प्रवीण सलूजा , अरविंद वर्मा, संतोष पांडे, नितिन सलूजा , राजेश सैनी एवं कैट बिलासपुर इकाई सदस्यों ने स्थानीय व्यापार और छोटे दुकानदारों को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष अभियान “आया त्योहार, चलो बाजार” की शुरुआत की है। इस मुहिम के तहत कैट ने शहर की सभी गैर-सरकारी संस्थाओं (NGOs), सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से एकजुट होकर स्थानीय बाजारों से ही खरीदारी करने का विनम्र आग्रह किया है।
कैट बिलासपुर जिला अध्यक्ष हीरानंद जयसिंह , कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल एवं पदाधिकारियों ने एक संयुक्त बयान में कहा, “हमारे स्थानीय दुकानदार और छोटे व्यापारी हमारे समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। त्योहारों की असली चमक तभी है जब इसका लाभ हमारे अपने क्षेत्र के लोगों को मिले। ‘स्थानीय उत्पाद खरीद कर, दें उनको सम्मान’ के संकल्प के साथ हमें इस बार अपनी दीपावली और अन्य त्योहारों की खरीदारी अपने नजदीकी बाजारों से करनी चाहिए।”
कैट बिलासपुर द्वारा की गई मुख्य अपील:

- एनजीओ और सामाजिक संस्थाओं से सहयोग: कैट ने शहर की सभी सामाजिक संस्थाओं से आग्रह किया है कि वे अपने स्तर पर जागरूकता अभियान चलाएं और लोगों को स्थानीय उत्पादों के प्रति प्रेरित करें।
- नागरिकों से ‘लोकल’ अपनाने का आग्रह: बिलासपुर के समस्त नागरिकों से अपील की गई है कि वे ऑनलाइन शॉपिंग या बड़े कॉर्पोरेट मॉल के बजाय अपने शहर के स्थानीय दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों और पारंपरिक कारीगरों से सामान खरीदें।
- अर्थव्यवस्था को मजबूती: स्थानीय स्तर पर की गई खरीदारी से न केवल शहर का पैसा शहर में रहेगा, बल्कि छोटे व्यापारियों के घरों में भी त्योहारों की खुशियां आ सकेंगी।
कैट बिलासपुर जिला अध्यक्ष एवं नेहरू युवा केंद्र युवा कार्यक्रम खेल मंत्रालय भारत सरकार के सदस्य हीरानंद जयसिंह एवं कैट बिलासपुर पदाधिकारियों ने सभी से इस मुहिम का हिस्सा बनने की अपील करते हुए कहा, “आइये हम सब बाजार जाएं और स्थानीय उत्पादों की खरीदी करें।” इस छोटे से प्रयास से हम अपने बिलासपुर के व्यापारिक तंत्र को आत्मनिर्भर और मजबूत बना सकते हैं।