
चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव में पहुंचकर भारत के स्वर्णिम इतिहास रचने में लैंडर रोवर पूरी तरह काम पर जुड़ गए हैं इसरो ने शुक्रवार को एक पोस्ट किया चंद्रयान-3 रोवर प्रज्ञान ने चंद्रमा पर लगभग 8 मीटर की दूरी तय कर ली है और लैंडर और रोवर पर लगे सभी पेलोड काम कर रहे हैं मिशन के तहत प्रयास किया जा रहा है की एक दिवस पृथ्वी के लगभग 14 दिन के बराबर में अधिक अध्ययन कर लिया जाए क्योंकि जिस तरह सूर्यास्त होगा गहरा अंधेरा छा जाएगा उस समय तापमान माइनस 100 से 180 डिग्री तक नीचे चले जाते है ऐसे में सिस्टमकाम करना बंद कर देगा हालांकि वैज्ञानिकों को उम्मीद है लेंडरऔर रोवर चांद की मुश्किल रात से मजबूती से सामना करके फिर सूर्योदय तक बचे रहेंगे देखना यह होगा आगे क्या होता है मगर इस सूर्योदय के 14 दिन में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुड़ा सके उसमें वैज्ञानिक लगे हुए है और चांद पर चलकर रोवर बहुत सारी चीजों पर नजर रखा है रोवर बहुत सारी फोटो खींच के इसरो को भेज रहा है ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुड़ा सके अभी तक कोई भी भारत के अलावा जहाँ लेंडर उतरा है वहा नही पहुँच सका है।
