
उत्तरप्रदेश:: गांव से Google तक, एक वकील पिता और एक गृहिणी मां के घर जन्मी, आराध्या ने कम उम्र से ही पढ़ाई में प्रतिभा दिखाई. सेंट जोसेफ स्कूल में अपनी माध्यमिक शिक्षा पूरी करने के बाद, उन्होंने कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बीटेक करने के लिए एमएमएमयूटी में दाखिला लिया. तब से उन्होंने न केवल विश्वविद्यालय में, बल्कि संपूर्ण तकनीकी उद्योग में अपनी पहचान बनाई है और Google में एक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर के रूप में अत्यधिक प्रतिष्ठित भूमिका निभाई है. दृढ़ संकल्प और कौशल के साथ तय की गई इस जर्नी 2023 में, आराध्या ने एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में स्केलर पर काम किया. उत्तरप्रदेश गांव की छात्रा ने ठुकराई 32 लाख की नौकरी, Google ने दिया 56 लाख रुपये का ऑफर! एक गांव से Google तक का रास्ता वकील पिता और गृहिणी मां के घर जन्म ली आराध्या ने कम उम्र में ही पढ़ाई करके प्रतिभा दिखाई. सेंट जोसेफ स्कूल से अपनी माध्यमिक शिक्षा पूरी करने के बाद उसने कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बीटेक करने के लिए एमएमएमयूटी में दाखिला लिया.
उत्तर प्रदेश के गोठवा गांव की युवा प्रतिभावान आराध्या त्रिपाठी ने रिकॉर्ड तोड़ते हुए गूगल से 56 लाख रुपये की भारी भरकम नौकरी की पेशकश हासिल की है. गौरतलब है कि वो आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी या यहां तक कि आईआईआईटी से भी नहीं है फिर भी इतनी बड़ी राशि जानते है आगे जबकि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) भारत में सबसे अधिक वेतन पाने वाले स्नातक पैदा करते हैं, उत्तर प्रदेश के गोठवा गांव की निवासी आराध्या त्रिपाठी ने मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) से शिक्षा प्राप्त की. उन्हें Google से 52 लाख रुपये का एक बड़ा पैकेज मिला है, जो इससे पहले MMMUT के एक पूर्व छात्र को दिया गया अब तक का सबसे अधिक पैकेज है.आराध्या की इस कामयाबी से एक कहावत याद आता हैं खुदी को कर इतना बुलन्द हर तक़दीर पर खुदा, खुद पुछे बंदे से तेरी रजा क्या है मेहनत करने वाले कि हार नही होती