
बिलासपुर। भोजपुरी व लिम्हा टोल प्लाजा पर स्थानीय वाहन चालकों, छात्रों और आम नागरिकों से टोल वसूली के विरोध में एनएसयूआई ने आंदोलन का ऐलान किया है। एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्की मिश्रा के नेतृत्व में शुक्रवार शाम 4 बजे भोजपुरी टोल प्लाजा का घेराव किया जाएगा। संगठन की मांग है कि सीजी-10 पंजीयन वाले स्थानीय वाहनों तथा क्षेत्र के छात्रों को टोल शुल्क से छूट दी जाए। लक्की मिश्रा ने कहा कि स्थानीय नागरिक रोजमर्रा के कार्य, शिक्षा और रोजगार के लिए इस मार्ग का उपयोग करते हैं, ऐसे में उनसे बार-बार टोल वसूली करना अनुचित है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल वसूली के लिए भारत सरकार और एनएचएआई द्वारा स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। किसी भी टोल प्लाजा का संचालन सड़क परियोजना के अनुबंध और निर्धारित अवधि के अनुसार किया जाता है। इसके साथ ही टोल संचालकों को यात्रियों को आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराना भी अनिवार्य है। यदि स्थानीय लोगों पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है और सुविधाएँ मानकों के अनुरूप नहीं हैं, तो इसकी समीक्षा की जानी चाहिए।
00 स्थानीय लोगों और छात्रों को राहत देने की मांग
एनएसयूआई का कहना है कि टोल प्लाजा से सबसे अधिक प्रभावित आसपास के गाँवों और शहर के लोग हैं। छात्र प्रतिदिन पढ़ाई के लिए इस मार्ग से गुजरते हैं और उन्हें अतिरिक्त आर्थिक भार उठाना पड़ता है। संगठन ने मांग की है कि सीजी-10 नंबर वाले वाहनों को विशेष छूट दी जाए तथा छात्रों के लिए अलग व्यवस्था बनाई जाए। यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
00 टोल प्लाजा पर सुविधाओं की भी होगी जांच
लक्की मिश्रा ने कहा कि टोल वसूली के साथ यात्रियों को निर्धारित सुविधाएँ देना भी ज़रूरी है। टोल प्लाजा पर पेयजल, शौचालय, प्राथमिक उपचार, हेल्पलाइन नंबर, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और आपातकालीन सहायता जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होना अनिवार्य है। प्रदर्शन के दौरान इन व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जाएगी और कमियों को प्रशासन एवं एनएचएआई के समक्ष उठाया जाएगा।
00 टोल प्लाजा पर ये सुविधाएँ हों अनिवार्य
-फास्टैग एवं इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन की व्यवस्था।
-टोल दरों और हेल्पलाइन नंबर का स्पष्ट प्रदर्शन।
-सीसीटीवी कैमरे एवं 24 घंटे निगरानी प्रणाली।
-पेयजल और स्वच्छ शौचालय की सुविधा।
-एम्बुलेंस, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) एवं आपातकालीन सहायता।
-क्रेन और रिकवरी वाहन की उपलब्धता।
-पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा सुरक्षित लेन प्रबंधन।
-विश्राम स्थल, वाहन पार्किंग, भोजन सुविधा और पुलिस सहायता केंद्र की व्यवस्था।