‘विद्यालय भविष्य निर्माण का पावन केंद्र’ : बीके गायत्री डीएवी में 1500 विद्यार्थियों ने ली नशामुक्ति की प्रतिज्ञा, मोबाइल को बताया नया नशा प्राचार्य बोले – हीरो नहीं, रोल मॉडल बनें छात्र

बिलासपुर। प्रधानमंत्री के ‘नशामुक्त भारत’ अभियान को साकार करने के उद्देश्य से डीएवी पब्लिक स्कूल में बुधवार को ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा ’10 करोड़ नशामुक्ति संकल्प महाभियान’ के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। बीके मंजू दीदी के मार्गदर्शन में हुए इस कार्यक्रम में 1500 विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्टाफ ने नशामुक्त जीवन जीने का सामूहिक संकल्प लिया।

‘विद्यालय संस्कार की पाठशाला है’
बीके गायत्री बहन ने विद्यार्थियों को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराते हुए कहा कि विद्यालय भविष्य निर्माण का पावन केंद्र है। यह केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि श्रेष्ठ व्यक्तित्व के निर्माण की प्रयोगशाला है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी मन को शांत, तन को स्थिर और विचारों को सकारात्मक रखे। स्वयं को परमात्मा की प्रिय संतान समझे और शिक्षा रूपी ईश्वरीय उपहार को संस्कारों से सजाए।

‘सिर्फ एक बार’ से शुरू होती है बर्बादी
बीके ईश्वरी बहन ने कहा कि आज नशे का स्वरूप बदल चुका है। सिगरेट और शराब के साथ-साथ मोबाइल फोन की लत भी युवाओं के भविष्य के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। उन्होंने चेताया कि हर नशे की शुरुआत "सिर्फ एक बार" से होती है। यही एक छोटी सी गलती जीवन, करियर और परिवार को प्रभावित कर सकती है।

‘हीरो नहीं, रोल मॉडल बनें’
विद्यालय के प्राचार्य के. पार्थिपन ने कहा कि विद्यार्थियों को ऐसा व्यक्तित्व बनाना चाहिए कि उनके जूनियर, पड़ोसी और समाज उन्हें रोल मॉडल माने। नशे से बचने का सबसे प्रभावी माध्यम आत्मबल और सकारात्मक चिंतन है। प्रतिदिन राजयोग मेडिटेशन करने से निर्णय शक्ति, आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन विकसित होता है। आपकी सफलता से पूरा समाज प्रेरणा लेगा।

कार्यक्रम के अंत में सभी ने नशे से दूर रहने और स्वस्थ-सुरक्षित भारत के निर्माण में भागीदारी निभाने की शपथ ली। विद्यालय प्रबंधन ने ब्रह्माकुमारीज़ के इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में नैतिक मूल्य और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करते हैं।

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