बिलासपुर में बजेगा कला का डंका: 19 जुलाई से राष्ट्रीय महोत्सव “हमार छत्तीसगढ़”, 5 लाख के इनाम

टीवी स्टार करेंगे जज, बाहर से आने वालों का खाना-रहना फ्री, दिव्यांगों की नो एंट्री फीस

बिलासपुर: संस्कृति फाउंडेशन के तत्वावधान में 19 से 26 जुलाई तक बिलासपुर राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव “हमार छत्तीसगढ़ – द कल्चर ऑफ आर्ट” का साक्षी बनेगा। फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं कोरियोग्राफर रूपेश समुंद्रे तथा सचिव प्रियंका तिवारी ने प्रेसवार्ता में इसकी घोषणा की।

उन्होंने बताया कि संस्कृति फाउंडेशन के बैनर तले यह पहला राष्ट्रीय आयोजन है। 2018 से “डी फॉर डांस” के जरिए सांस्कृतिक कार्यक्रम होते रहे हैं। संस्था के पंजीयन के बाद अब इसे ऑल इंडिया स्वरूप दिया गया है।

यह प्रतियोगिता राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। देशभर से पंजीयन जारी हैं। अब तक 200 से 300 प्रतिभागियों का पंजीयन हो चुका है, जबकि 4 से 5 हजार प्रतिभागियों का लक्ष्य है। महोत्सव में डांस, सिंगिंग, मॉडलिंग, मेहंदी, रंगोली, फैंसी ड्रेस सहित कई विधाओं में मुकाबला होगा। टीवी इंडस्ट्री के नामचीन सेलिब्रिटी जज की कुर्सी पर बैठकर प्रतिभागियों का मूल्यांकन करेंगे। विजेताओं को कुल 5 लाख रुपये तक के पुरस्कार मिलेंगे।

संस्था ने स्पष्ट किया कि बाहर से आने वाले कलाकारों के लिए आवास एवं भोजन पूर्णतः निःशुल्क रहेगा। केवल नाममात्र का पंजीयन शुल्क लिया जाएगा। रहने-खाने का पूरा खर्च संस्था उठाएगी।

आयोजकों ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य छत्तीसगढ़ समेत देश के उभरते कलाकारों को राष्ट्रीय मंच देना है। दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष मंच और सम्मान की व्यवस्था की गई है। उनके लिए प्रवेश शुल्क पूरी तरह माफ है।

संस्कृति फाउंडेशन ने शहरवासियों से इस राष्ट्रीय आयोजन को सफल बनाने के लिए सहयोग की अपील की। प्रेसवार्ता में अध्यक्ष रूपेश समुंद्रे, सचिव प्रियंका तिवारी, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर साक्षी तिवारी एवं सोशल मीडिया हैंडल शिवांश भगत उपस्थित रहे।

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