
बिलासपुर -शहर के गोड़पारा सुभाष नगर निवासी संजय मिश्रा 55 को हार्ट अटैक आया। परिजन उन्हें दोपहर 3 बजे एलीट हॉस्पिटल ले गए।
अगली सुबह 10 बजे संजय ने दम तोड़ दिया। सिर्फ 18 घंटे ही भर्ती रहे।
लेकिन मौत के बाद शुरू हुआ असली खेल।
हॉस्पिटल ने परिजनों को 4 लाख 66 हजार का बिल थमा दिया।
विरोध और हंगामे के बाद बिल घटकर 2 लाख 25 हजार रह गया।
स्थानीय समाजसेवी कांग्रेस नेता महेश दुबे ने कहा – “आज सेवा के नाम पर लूट हो रही है। डॉक्टर बने डाकू। शासन को तुरंत इलाज के खर्चों पर कानून बनाना चाहिए।”
परिजनों का आरोप है कि स्वास्थ्य अब सेवा नहीं, धंधा बन चुकी है।