श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई पं. रविशंकर शुक्ल एवं विद्या चरण शुक्ल की जयंती

*रायपुर, – प्रातः 9:00 बजे कान्यकुब्ज सभा शिक्षा मंडल, आशीर्वाद भवन, रायपुर में अभिभाजित मध्य प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ के गौरव, कान्यकुब्ज सभा शिक्षा मंडल के संस्थापक एवं प्रथम अध्यक्ष पंडित रविशंकर शुक्ल तथा उनके सुपुत्र, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्या चरण शुक्ल की जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई।

इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजनों एवं पदाधिकारियों ने दोनों महान विभूतियों की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आयुष विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव प्रोफेसर के.एल. तिवारी उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कहा कि पंडित रविशंकर शुक्ल ने शिक्षा, समाजसेवा और जनकल्याण को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनके आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। वहीं विद्या चरण शुक्ल ने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी विशिष्ट पहचान बनाकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया।

कार्यक्रम में कान्यकुब्ज सभा शिक्षा मंडल के अध्यक्ष सुरेश मिश्रा, सचिव राजकुमार दीक्षित, उपाध्यक्ष संजय अवस्थी, सहसचिव प्रमोद मिश्रा सहित कार्यकारिणी सदस्य आशीष बाजपेई, विजय शुक्ला, विकास तिवारी, इंद्र तिवारी, गिरजाशंकर दीक्षित, जयशंकर तिवारी, अशोक दीक्षित, श्रीकांत अवस्थी, चंद्रिका बाजपेई, आर.के. दीक्षित, जे.पी. मिश्रा, आर.के. मिश्रा, के.एल. दीक्षित, दुर्गेश अग्निहोत्री, गोपाल मिश्रा, रविंद्र मिश्रा, विनोद द्विवेदी एवं अन्य समाजजन उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि पंडित रविशंकर शुक्ल न केवल अभिभाजित मध्य प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री थे, बल्कि कान्यकुब्ज सभा शिक्षा मंडल के संस्थापक एवं प्रथम अध्यक्ष के रूप में उन्होंने समाज को संगठित करने, शिक्षा के प्रसार तथा सामाजिक उत्थान के लिए ऐतिहासिक योगदान दिया। उनके दूरदर्शी नेतृत्व के कारण शिक्षा मंडल आज भी समाज सेवा, शिक्षा एवं संस्कारों के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रनिर्माण एवं समाजोत्थान के उनके आदर्शों पर चलने के संकल्प के साथ किया गया।

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