कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर हुई मां खारुन गंगा महाआरती.


कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर हुई मां खारुन गंगा महाआरती..

उमड़ा जन सैलाब माँ खारून गंगा महाआरती जन सेवा समिति और करणी सेना के तत्वावधान में आज नवंबर को पूर्णिमा के पावन अवसर पर मां खारुन गंगा महाआरती का आयोजन किया गया । इस विशेष आरती का आयोजन पिछले दो वर्षों से नदियों और पर्यावरण के संरक्षण के उद्देश्य से किया जा रहा है, और अब यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम बन गया है।

खारून गंगा महाआरती के माध्यम से नदियों और पर्यावरण के संरक्षण का अनूठा प्रयास

माँ खारून गंगा महाआरती, जो पिछले दो वर्षों से महादेव घाट पर निरंतर आयोजित की जा रही है, नदियों और पर्यावरण के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण प्रतीक बन चुकी है। खारून नदी, जिसे पहले सिर्फ एक साधारण नदी के रूप में देखा जाता था, गंगा आरती के आरंभ के बाद अब श्रद्धालुओं द्वारा “मां खारून” के रूप में सम्मानित की जा रही है। इस परिवर्तन का श्रेय माँ खारून गंगा महाआरती जन सेवा समिति और करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर जी के अथक प्रयासों को जाता है।

खारून गंगा आरती का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों में नदियों के प्रति आस्था और जागरूकता को बढ़ावा देना है। इस धार्मिक आयोजन ने समाज में खारून नदी के प्रति गहरी श्रद्धा और जिम्मेदारी का भाव पैदा किया है, और लोग अब इसे एक पूजनीय नदी के रूप में देख रहे हैं।

पूर्णिमा में प्रदेश के मुख्यमंत्री समेत कई प्रमुख चेहरे भी शामिल होते हैं। पूर्णिमा के अवसर पर मुख्यमंत्री स्वयं खारून नदी में डुबकी लगाते हैं, जिससे प्रदेश में एक सकारात्मक संदेश जाता है और लोग पुण्य के भागी बनने के लिए प्रेरित होते हैं।

मां खारून गंगा महाआरती न केवल एक धार्मिक आयोजन है बल्कि एक सामाजिक और पर्यावरणीय आंदोलन भी है, जो आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और संरक्षित नदी का उपहार देने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। महादेव घाट जन सेवा समिति और करणी सेना के इस पहल से नदियों के संरक्षण की भावना और अधिक सुदृढ़ हुई है।

  • माँ खारून गंगा महाआरती जन सेवा समिति एवं करणी सेना

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