स्वयं को भगवान की दृष्टि से देखें : ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी

शिव-अनुराग भवन में पॉजिटिव थिंकिंग की क्लास
लोगों के अपमानजनक शब्दों का प्रभाव समाप्त करने स्वमान में रहने की दी सीख

*बिलासपुर (राज किशोर नगर): प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के शिव अनुराग भवन, राज किशोर नगर में ‘चल रहे सकारात्मक चिंतन की क्लास को सम्बोधित करते ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने आत्मिक जागृति पर जोर देते हुए कहा कि यह दुनिया अक्सर हमें हमारे शरीर, रंग-रूप या सीमाओं के आधार पर लेबल देती है, जिससे व्यक्ति का आत्म-सम्मान कम हो जाता है। उन्होंने साझा किया कि परमात्मा हमें बाहरी रूप से नहीं बल्कि हमारी आंतरिक सच्चाई, पवित्रता और गुणों के आधार पर देखते हैं। दीदी ने कहा, “मैं परमात्मा की अनमोल संतान हूँ, एक अनमोल हीरा हूँ; जब हम स्वयं को उनकी दृष्टि से देखना शुरू करते हैं, तो दुनिया के अपमानजनक शब्दों का प्रभाव समाप्त हो जाता है”।

प्रमुख शिक्षाएं और अभ्यास:
सकारात्मक संकल्प: दीदी ने प्रतिदिन 21 बार यह संकल्प दोहराने का होमवर्क दिया: “मैं एक शुद्ध, पवित्र और शक्तिशाली आत्मा हूँ। मैं स्वयं का सम्मान करती हूँ और दूसरों की राय से स्वतंत्र हूँ”।
स्व-प्रशंसा डायरी: हर रात ऐसी तीन अच्छी बातें लिखने की सलाह दी गई जो आपने दिनभर में की हों, ताकि आत्म-सम्मान बढ़ सके।
स्वास्थ्य और ज्ञान: उन्होंने स्पष्ट किया कि योग से हेल्थ (स्वास्थ्य) मिलती है और ज्ञान से वेल्थ (सुख-समृद्धि) प्राप्त होती है।
सहनशीलता और मधुरता: महान बनने के लिए सहनशीलता, मधुरता और नम्रता के गुणों को धारण करने की प्रेरणा दी गई।

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